कर्ज में डूबा है राजस्थान, गहलोत सरकार ने 5 साल में उतना कर्ज लिया, जितना 67 साल में नहीं ले पाए
Rajasthan Government Debt: राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार में सार्वजनिक निर्माण राज्यमंत्री मंजू बाघमार ने अशोक गहलोत सरकार पर बड़ा आरोप है। बाघमार की मानें तो अशोक गहलोत सरकार ने राजस्थान को कर्ज में डूबो दिया।
वित्तीय वर्ष 2024-25 के अंत तक राजस्थान पर कुल कर्ज 6 करोड़ 40 हजार 687 रुपए होने का अनुमान है। पिछले सरकार पर भारी कर्ज लेने का आरोप लगाते हुए राज्यमंत्री मंजू बाघमार ने कहा कि अशोक गहलोत सरकार ने पिछले पांच साल में उतना कर्ज ले लिया, जितना पिछले 67 साल में नहीं लिया गया।

दरअसल, राज्यमंत्री मंजू बाघमार राजस्थान विधानसभा में बजट पर वित्त मंत्री दीया कुमारी की जगह सवालों के जवाब दे रही थीं। इस जवाब पर पक्ष-विपक्ष पर बहस भी हुई।
प्रश्नकाल के दौरान भाजपा विधायक संदीप शर्मा ने साल 2018 से 2024 के बीच राजस्थान में कर संग्रहण और पिछले पांच साल में बढ़े कर्ज को लेकर सवाल उठाया था। पक्ष-विपक्ष के बीच बहस इस कदर हुई कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने विधायक रोहित बोहरा को बाहर निकालने की चेतानवी तक दे डाली थी।
पूरक सवाल के वक्त राजस्थान कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष और लक्ष्मणगढ़ विधायक गोविंद सिंह डोटासरा व विधायक संदीप शर्मा के बीच भी बहस हुई। शर्मा पूरक सवाल के लिए खड़े हुए तो डोटासरा बोल पड़े कि आप भाषण दीजिए।
इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम ने अध्यक्ष से कहा कि इस सदन को चलाना, व्यवस्था रखना आसान काम है। कोई बीच में शुरू हो जाए तो उनको टोका जाए। नहीं माने तो नामित किया जाए। इसके बावजूद नहीं माने तो फिर दूसरी व्यवस्था की जाए।
राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कई मंत्रियों व विधायक को फटकार लगाई। प्रश्नकाल के दौरान मंत्रियों के जवाब से असंतुष्ट विधायकों के हंगामे और विधायकों की ओर से सवाल पूछने की बजाय भाषण दिए जाने से नाराज अध्यक्ष ने कहा कि यह परम्परा ठीक नहीं।
राजस्थान विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने फटकार लगाते हुए कहा कि सदन में अनुशासनहीनता किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सवाल के अलावा दो पूरक प्रश्न पूछने की अनुमति होगी।












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