कृषि कानूनों पर बोले राजस्थान सीएम गहलोत-'राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा था, समय नहीं मिला'
जयपुर। तीन कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलनरत हैं। पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली बॉर्डर पर डेरा डाल रखा है। किसान आंदोलन 2020 की खबरों के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बड़ा बयान दिया है।

सीएम गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों, किसान सगंठनों, कृषि विशेषज्ञों से बिना चर्चा किए तीनों कृषि कानून बनाए। इन तीनों कानूनों को संसद में भी आनन-फानन में बिना चर्चा किए बहुमत के दम पर असंवैधानिक तरीके से पास भी करा दिया गया। जबकि विपक्ष इनको सेलेक्ट कमेटी को भेजकर चर्चा की मांग कर रहा था।

अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा कि केंद्र सरकार ने इन बिलों पर किसी से कोई चर्चा नहीं की जिसके चलते आज पूरे देश के किसान सड़कों पर हैं। नए किसान कानूनों पर किसानों की बात रखने के लिए पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने महामहिम राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा लेकिन उन्हें समय नहीं दिया गया। फिर हम सभी चारों कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों ने महामहिम राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगा, जिससे किसानों की बातें रख सकें लेकिन राष्ट्रपति महोदय की कोई मजबूरी रही होगी इस कारण हमें समय नहीं मिल सका।












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