राजस्थानः कॉपी पर बच्चे ने नहीं चढ़ाया कवर तो मैडम ने टैंक में लटकाया फिर छूट गया दिव्यांग मासूम का हाथ
बून्दी। राजस्थान के बून्दी जिले के देवपुरा पेट्रोल पंप के पास स्थित निजी विद्यालय सेंट्रल एकेडमी स्कूल में हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। पीड़ित बच्चे के पिता ने आरोप लगाया है कि दिव्यांग 7 वर्षीय बेटे राजदीप सिंह के विद्यालय की अध्यापिका महिमा ने इसलिए कपड़े उतार कर टैंक में डाल दिया। क्योंकि मासूम राजदीप अपनी कॉपी पर कवर चढ़ा कर नहीं लाया था। विकलांग बच्चे को महिला अध्यापक ने डंडे से भी पीटा एवं डराने के लिए सजा के तौर पर पानी के गहरे टैंक में लटका दिया। इस दौरान वह अचानक हाथ से छूट गया और पानी में गिर गया।

पिता ने स्कूल में फोन कर दी घटना की जानकारी
इसके बाद खुद अध्यापिका ने तत्परता से बाहर निकाल लिया, जिससे मासूम बाल-बाल बच गया। विद्यालय की अध्यापिका द्वारा की गई अमानवीय घटना को 7 साल के विकलांग मासूम बच्चे ने घर जाकर अपनी मां को बताया। इसके बाद पिता चंद्रदीप सिंह द्वारा स्कूल संचालक को फोन पर घटना की जानकारी दी तो संचालक ने कोई जवाब नहीं दिया।

डराने के लिए शिक्षिका ने टैंक में लटकाया
इस पर पिता ने बच्चे के विद्यालय में जाकर पता किया तो पता चला कि बच्चे को डराने के लिए टैंक में लटकाया था, जिससे वह अचानक छूट कर पानी में गिर गया इस कारण गीला हो गया । विद्यालय संचालक द्वारा संतोषप्रद जवाब नहीं देने के बाद बच्चे के अभिभावक ने राजस्थान युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव चर्मेश शर्मा से मुलाकात की।

जिला कलेक्ट्रेट में सौंपा शिक्षिका के खिलाफ ज्ञापन
फिर जिला कलेक्ट्रेट पहुंच विद्यालय संचालक एवं अध्यापिका के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच करने की मांग का ज्ञापन अतिरिक्त जिला कलेक्टर सीलिंग अमानुल्लाह खान को सौंपा। प्रदेश महासचिव युवा कांग्रेस चर्मेश शर्मा ने बताया कि मासूम बच्चों के साथ निजी विद्यालय में किया जा रहा इस तरह का व्यवहार अमानवीय एवं अव्यवहारिक है तथा नियमों के विरुद्ध है शिक्षा विभाग द्वारा बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट पर प्रतिबंध है।

घटना के बाद से सदमे में है मासूम
घटना के बाद से ही मासूम राजदीप गहरे सदमे में है। वह इस घटना से उभर ही नहीं पा रहा है। वह खुद अपनी जुबान से अपनी आपबीती बता रहा है। राजदीप के पिता चंद्रदीप ने भी स्कूल प्रशासन पर बच्चे के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। अतिरिक्त जिला कलेक्टर खान ने अभिभावक के प्रार्थना पत्र पर जांच कर कठोर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।












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