राजस्थान मंदिर पुजारी हत्याकांड : करौली के सपोटरा में परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार, ये 4 मांगे रखीं

करौली। राजस्थान के करौली जिले के सपोटरा पुलिस थाना इलाके के गांव बुकना में मंदिर पुजारी बाबूलाल वैष्णव के परिजनों ने उनके अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया है। शनिवार सुबह शव उनके घर पर ही रखा हुआ है। पुलिस व प्रशासन के अधिकारी परिजनों से समझाइश में जुटे हैं।

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    राजस्थान मंदिर पुजारी हत्याकांड : करौली के सपोटरा में परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार

    मांग पूरी होने पर करेंगे अंतिम संस्कार

    मांग पूरी होने पर करेंगे अंतिम संस्कार

    न्यूज एजेंसी एएनआई के हवाले से खबर है कि पुजारी बाबूलाल वैष्णव हत्याकांड में उनके परिजनों की ओर से राजस्थान सरकार के सामने कुछ मांगे रखी गई हैं। परिजनों ने तय किया है कि उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होने तक वे शव का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।

     मंदिर पुजारी हत्याकांड में परिजनों की मांग

    मंदिर पुजारी हत्याकांड में परिजनों की मांग

    1. पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा

    2. परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
    3. दोषी पटवारी व पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई
    4. सभी आरोपियों की गिरफ्तारी

    अभी मुख्य आरोपी ही गिरफ्तार

    अभी मुख्य आरोपी ही गिरफ्तार

    मंदिर पुजारी बाबूलाल वैष्णव के रिश्तेदार ललित ने बताया कि अभी तक पूरे प्रकरण में मुख्य आरोपी कैलाश मीणा को ही गिरफ्तार किया गया है जबकि शेष आरोपी खुले घूम रहे हैं। सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, 50 लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी समेत सभी मांगें माने जाने के बाद ही हम शव का अंतिम संस्कार करेंगे।

     क्या है मंदिर पुजारी हत्याकांड

    क्या है मंदिर पुजारी हत्याकांड

    बता दें कि गांव बुकना में राधा कृष्ण का मंदिर है, जिसके ग्रामीणों ने 6 बीघा 16 बिस्वा जमीन दान की थी। पुजारी बाबूलाल वैष्णव का परिवार मंदिर में पूजा अर्चना करता है। राजस्व रिकॉर्ड में मंदिर माफी के नाम दर्ज भूमि पर एक माह पहले पुजारी बाबूलाल भूमि पर जेसीबी पर चलाकर छप्परपोश मकान के लिए भूमि समतलीकरण कर रहे थे।

     पंच-पटेलों की बैठक भी हुई

    पंच-पटेलों की बैठक भी हुई

    इस भूमि पर गांव के कैलाश मीणा अपना मालिकाना हक जताकर छप्परपोश तान रहा था। पुजारी ने पंच पटेलों से इसकी शिकायत की। गांव के सौ घरों की सप्ताहभर पहले बैठक भी हुई, जिसमें फैसला किया गया कि मंदिर माफी की जमीन पर कोई जबरदस्ती अतिक्रमण नहीं करें।

    पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

    पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया

    इसके बावजूद 7 अक्टूबर को आरोपी कैलाश मीणा पक्ष के लोग जबरन यहां छप्परपोश तानने लगे। मंदिर पुजारी बाबूलाल ने विरोध किया तो आरोपियों ने पेट्रोल छिड़ककर उनके आग लगा दी। इससे वे बुरी तरह झुलस गए। स्थानीय अस्पताल में प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें जयपुर के एसएमएस अस्पताल में रैफर किया गया, जहां उपचार के दौरान 8 अक्टूबर की शाम को पुजारी की मौत हो गई।

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