कुख्यात डकैतों को पकड़ने चंबल के बीहड़ में उतरीं IPS प्रीति चंद्रा, जानिए कौन है यह 'लेडी सिंघम'

karauli News, करौली। राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर करौली जिले में लोगों के लिए खौफ का पर्याय बन चुके 'चंबल के डकैत' इन दिनों खुद खौफजदा हैं। खुलकर सामने आने की बजाय जान बचाने के लिए ​छुपते फिर रहे हैं। इसकी वजह है तेज तर्रार और ईमानदार अफसर आईपीएस प्रीति चंद्रा (IPS Preeti Chandra)। आइए जानते हैं कौन है ये लेडी सिंघम (Lady Singham Rajasthan), जिनके नाम लेने भर से कुख्यात डकैतों की रूह कांप उठती है।

दरअसल, वर्ष 2008 बैच की आईपीएस अधिकारी प्रीति चंद्रा करौली जिले की पुलिस अधीक्षक (Karauli SP) हैं। दो माह पहले ही इनको जयपुर इंटेलिजेंस विभाग से करौली एसपी के पद पर लगाया गया है। बतौर एसपी इनकी यह दूसरी पोस्टिंग है। इससे पहले बूंदी में एसपी रह चुकी हैं।

एसपी बनकर आते ही बनाई प्लानिंग

एसपी बनकर आते ही बनाई प्लानिंग

वन इंडिया हिंदी से बातचीत में आईपीएस प्रीति चंद्रा ने बताया कि दो माह पूर्व ही उन्हें करौली जिले की जिम्मेदारी मिली। करौली जिला पहाड़ी इलाका है। मध्यप्रदेश और राजस्थान की सीमा पर चंबल के डकैतों से प्रभावित क्षेत्र है। यहां डकैत खनन वालों को सबसे अधिक निशान बनाते हैं। उनके मैनेजर व मजदूर से मारपीट कर 'निशान' छोड़ते हैं ताकि निशान देख कर खनन मालिक संबंधित डकैत तक धनराशि पहुंचा सके। खास बात यह है कि डकैत दो राज्यों के सीमा क्षेत्र का खूब फायदा उठाते हैं। जब इन्हें पकड़ने के लिए पुलिस पहुंचती है तो ये मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर जाते हैं। इन डकैतों की पर लगाम कसने के लिए करौली एसपी बनकर आते ही खास योजना बनाई गई।

चिह्नित कर उठाना किया शुरू

चिह्नित कर उठाना किया शुरू

करौली में एसपी लगाए जाने के बाद प्रीति चंद्रा ने अपने महकमे के अफसरों के साथ विशेष मीटिंग कर करौली जिले में सक्रिय डकैतों को चिह्नित करवाया। इसके बाद पुलिस ने डकैतों की हर गतिविधि पर विशेष निगरानी रखी और इन्हें उठाना शुरू किया। अपराध करने के बाद ये डकैत अक्सर मध्य प्रदेश के गांवों में चले जाते हैं। इनकी राजस्थान की सीमा में प्रवेश करने की पल-पल की जानकारी जुटाई और गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

अब तक इन डकैतों को पहुंचाया जेल

अब तक इन डकैतों को पहुंचाया जेल

आईपीएस प्रीति चंद्रा की टीम डकैतों को पकड़ने के लिए पूरी मुस्तैदी से काम कर रही है। खास बात यह है कि खुद लेडी सिंघम एसपी चंद्रा भी चंबल के बीहड़ों में उतर जाती हैं। अब तक दस हजार रुपए के ईमानी डकैत हरिया गुर्जर, रामलखन गैंग के श्रीनिवास, डकैतों को शरण देने व उन तक पुलिस की सूचनाएं पहुंचाने वाले श्रीराम गुर्जर, कला आदि डकैतों को पकड़ा जा चुका है। दो-तीन और डकैतों की नजर में हैं। उनकी भी जल्द गिरफ्तारी संभव है।

बीहड़ में कैंप करती हैं एसपी

बीहड़ में कैंप करती हैं एसपी

डकैतों को पकड़ने के लिए पुलिस टीम की बहादुरी के साथ-साथ ग्रामीणों का सहयोग भी जरूरी है। प्रीति चंद्रा एसपी बनकर आते ही सबसे पहले बीहड़ में कैंप करना शुरू किया। हर सप्ताह बीहड़ में कैंप किया जाता है। ग्रामीणों का विश्वास भी जीता जाता है। करौली जिले में कानून व्यवस्था की कमान 19 साल में पहली बार किसी महिला अधिकारी के हाथ में है। प्रीति चंद्रा से पहले वर्ष 2000 में विनिता महिला एसपी रह चुकी हैं।

सीकर के कुंदन गांव में पैदा हुई प्रीति चंद्रा

सीकर के कुंदन गांव में पैदा हुई प्रीति चंद्रा

सीकर जिले के छोटे से गांव कुंदन में 1979 को प्रीति चंद्रा का जन्म साधारण परिवार में हुआ। प्रीति के​ पिता रामचंद्र सूंडा भारतीय सेना में सेवाएं दे चुके हैं। प्रीति ने शुरुआत में पत्रकारिता को बतौर कॅरियर चुना, मगर ​मन में कुछ बड़ा करने का जुनून था। यही वजह है कि वर्ष 2008 में इन्होंने बिना किसी कोचिंग के पहली ही बार के प्रयास में UPSC परीक्षा उत्तीर्ण करके कमाल कर दिखाया।

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