जैसलमेर में 20 हजार से ज्यादा भेड़-बकरियों की मौत....वजह भी गजब है,जानिए
Rajasthan News: पश्चिमी राजस्थान का सरहदी जिला जैसलमेर एक बार फिर से बड़ी मुश्किल में फंस गया है। पशु पालकों पर बिमारियों ने कहर ढहा दिया है।
जैसलमेर के गांवों में इन दिनों पशुओं में दो बीमारियां कहर ढहा रही है। पिछले एक महीने में जैसलमेर में 20 हजार से ज्यादा भेड़-बकरियों की मौत हो गई है।

जिसके बाद अब पशुपालन विभाग वैक्सीनेशन लगाने की सलाह दे रहे हैं। अब पशुपालक अपने पशुधन को बचाने की जुगत में जुटे हुए हैं।
गौरतलब है कि पशुपालकों को अपने पशुधन को बीती दीपावली पर वैक्सीनेशन लगाने थे। लेकिन पशुपालकों ने लापरवाही के चलते वैक्सीन नहीं लगवाई।
जिसका खमियाजा उन्हें अब भुगतना पड़ रहा है। जैसलमेर के पशुओं में इन दिनों पीपीआर (ओरी) व फिड़किया बीमारी से भेड़-बकरियों की मौत हो रही है।
पशुपालन विभाग जैसलमेर के उपनिदेशक डॉ उमेश वरंगटीवार ने बताया कि पीपीआर (ओरी) वायरल व फिड़किया बैक्टिरिया की बीमारी है।
पीपीआर में जहां बड़े पशुओं की मौत हो रही है। वहीं फिड़किया में मेमनों (छोटे पशु) भी मर रहे है। उन्होंने बताया कि जो पशु अभी तक इसकी चपेट में नहीं आए है, उनके लिए वैक्सीन और जो चपेट में आ गए हैं उनके लिए उपचार किया जा रहा है।
गायों में फैली लंपी बीमारी के बाद पीपीआर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में पशुपालकों को मेडिकल से ही वैक्सीन लेकर लगाने की सलाह दी जा रही है।
पशुपालन विभाग में पीपीआर वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने से अब किसान अपने पशुओं का इलाज करवाने व वैक्सीन लगवाने के लिए भटक रहे है।
फतेहसर, देवीकोट इलाके से आए पशुपालक सामे खान ने बताया कि जैसलमेर के पशु हॉस्पिटल में पीपीआर वैक्सीन उपलब्ध नहीं है।
ऐसे में पशु डॉक्टर अब पशुपालकों को मेडिकल स्टोर से वैक्सीन लेकर लगाने की सलाह दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि अब तक जिले में इस बीमारी से 20 हजार से भी ज्यादा भेद-बकरियों की मौत हो चुकी है। ऐसे में पशुपालकों के सामने अपने पशुओ को बचाने का संकट खड़ा हो गया है
आपकों बता दे कि जैसलमेर पशु बाहुल्य क्षेत्र है और जिले में 7 लाख भेड़े व 8 लाख बकरियां है। यहां पशुपालकों की आजीविका का साधन पशुपालन ही है।
ऐसे में अब पीपीआर व फिड़किया बीमारी फैलने से पशुपालकों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ उभर आई है। पिछले एक महीने से लगातार भेड़-बकरियों की मौत हो रही है। जिसके बाद अब पशुपालक अपने पशुधन को बचाने के लिए इधर-उधर भटक रहे है।
पशुपालन विभाग द्वारा बीमारी के कारण मरने वाली भेड़-बकरियों की संख्या दर्ज नहीं की जा रही है। लेकिन पिछले एक महीने में जैसलमेर में 20 हजार से ज्यादा भेड़-बकरियों की मौत हो गई है।
इसके साथ ही इतने ही पशु अभी इसकी चपेट में है। जिसके इलाज के लिए पशुपालक भटक रहे है। पशुपालन विभाग में कुछ समय पहले पहले गायों में में आई लंपी बीमारी के बाद पीपीआर वैक्सीन नहीं दी जा रही है।
पीपीआर वैक्सीन के आवंटन नहीं होने में करीब 2 साल का समय हो चुका है। ऐसे में अब पीपीआर वैक्सीन के लिए पशुपालकों को बाहर से ही वैक्सीन लेनी पड़ रही है। हालाकि बाजार में वैक्सीन की कीमत ज्यादा नहीं है। लेकिन जिसके बाद ज्यादा पशुधन है। उस पशुपालक के सामने अब परेशानी खड़ी हो रही है।












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