राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देने वाले लाखों के ईनामी डकैत ने किया समर्पण

भरतपुर। राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का धौलपुर महल उड़ाने की धमकी देकर सनसनी मचा देने वाले लाखों के ईनामी खूंखार डकैत जगन गुर्जर ने समर्पण कर दिया है। दशकों तक जगन गुर्जर चंबल की घाटी वाले डांग क्षेत्र में एक खौफ का नाम रहा। सरकार ने उस पर 11 लाख रुपये का ईनाम रखा हुआ था। भरतपुर आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश के चलते दस्यु जगन ने हथियार सहित समर्पण किया है। इस मौके पर एसपी केसर सिंह शेखावत, डीएसपी चेतराम, सीओ खलील अहमद भी मौजूद थे, जिन्होंने समर्पण के बाद जगन को गिरफ्तार कर लिया। जगन गुर्जर ने अपराध की दुनिया में वर्ष 1999 में कदम रखा था।

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सूत्रों ने बताया कि जगन को एनकाउंटर का डर था, इस कारण वह खुद पुलिस के आगे पहुंच गया और हथियार सहित समर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि जगन गुर्जर को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार डांग क्षेत्र में दबिश दे रही थी। एनकाउंटर के डर से जगन गुर्जर ने हथियार डालने का निर्णय किया और सरेंडर करने का संदेश पुलिस को पहुंचाया। जगन गुर्जर ने खुद को समर्पण करने की बात स्वीकार की। गौरतलब है कि ईनामी डकैत जगन गुर्जर 16 मार्च 2017 धौलपुर जिले की विशेष न्यायालय डकैती प्रभावित क्षेत्र में संदेह का लाभ देते 70 मामलो में बरी कर दिया था। एक मुकदमे में बाड़ी कोर्ट ने उसे सजा सुनाई थी, जिसकी जमानत उसे हाईकोर्ट से मिल गई थी और वह जेल से बाहर आ गया। जेल से छूटने के बाद उसने फिर हथियार उठा लिए और एक बार फिर चम्बल के बीहड़ में अपना गैंग तैयार कर लिया था। डांग क्षेत्र में वसूली की वारदातें कर रहा था। जगन के खिलाफ भरतपुर, धौलपुर, करौली एवं आस-पास के जिलों में दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं।

आईजी मालिनी अग्रवाल ने बताया कि पुलिस की लगातार दबिश के चलते जगन पर दबाव बढ़ता जा रहा था और इस कारण उसने हथियार सहित समर्पण किया। उससे सिंगल बोर रायफल बरामद की गई है। पुलिस को शक है कि उसके पास एके-47 भी हो सकती है। उससे पूछताछ शुरू कर दी गई है। धौलपुर के पुलिस अधीक्षक डीडी सिंह ने बताया की जगन पर उनके जिले में हत्या, वसूली, पुलिस पर फायरिंग जैसे कुल 87 मामले दर्ज थे। इनमें से 70 मामलों में कोर्ट से जगन बरी हो चुका हैं और बजे 12 मामले विचाराधीन हैं। जगन पर पांच नए मामले दर्ज हुए हैं। ये वही जगन गुर्जर है जिसने मौजूदा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के समने 31 जनवरी 2009 को करौली पुलिस को आत्मसमर्पण किया था। गौरतलब है कि जगन ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पिछले कार्यकाल में हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान उनके धौलपुर स्थित महल को उड़ाने की धमकी थी।

चुनाव भी हो सकती है वजह
बताया जा रहा है कि साल के अंत में चुनाव को देखते हुए भी जगन ने समर्पण किया है। जगन ने पुलिस के सामने मुख्य धारा में शामिल होने और बाघीपन से मुक्ति पाने की इच्छा जाहिर की है। जेल से छूटने के बाद उसकी महत्वकांक्षा राजनीति में आने की भी रही। उसने धौलपुर विधानसभा पर अप्रैल 2017 में हुए उप-चुनाव में उसने पत्नी ममता गुर्जर के नाम पर्चा भी दाखिल किया था, लेकिन उसकी पत्नी की जमानत जब्त हो गई। इसके बाद उसने फिर बंदूक उठा ली थी। गुर्जर के आत्मसमर्पण के बाद से उसके चुनाव में उतरने की भी चर्चा तेज हो गई है।

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