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संसद हमले की बरसी: 13 दिसंबर 2001 को आतंकी हमले के वक्‍त संसद में क्‍या हो रहा था? कैसे शहीद हुए जेपी यादव?

Parliament Attack Anniversary: आज 13 दिसंबर को भारतीय संसद हमले की बरसी मनाई जा रही है। संसद शहीदों को याद किया जा रहा है। 13 दिसंबर 2001 को संसद पर आतंकी हमले में सबसे पहली शहादत राजस्‍थान के बेटे जगदीश प्रसाद यादव (जेपी यादव) ने दी थी। राजस्‍थान में सीकर से अलग होकर नए बने जिले नीमकाथाना के रहने वाले जेपी यादव आतंकियों से शेर की तरह लड़कर वीरगति को प्राप्‍त हुए थे।

आतंकी हमला हुआ तब संसद में क्‍या हो रहा था?

आज की तरह 13 दिसंबर 2001 को सुबह 10 बजकर 15 मिनट पर दिल्‍ली स्थित भारतीय संसद में शीतकालीन सत्र चल रहा था। ताबूत घोटाले को लेकर हंगामे की वजह से दोनों सदनों की कार्यवाही को स्थगित कर दिया गया था। उसी दौरान संसद के बाहर गेट पर कुछ हलचल हो रही थी। सबसे ज्‍यादा हलचल गेट नंबर 11 पर थे। क्‍योंकि संसद के सुरक्षाकर्मियों को मैसेज मिला था कि तत्‍कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत संसद से निकलने वाले हैं। उनके काफिले की कारें संसद के गेट नंबर 11 के सामने खड़ी थीं।

Parliament attack Shaheed JP Yadav

संसद पर आतंकी हमला कैसे हुआ?
13 दिसंबर 2001 की सुबह जब उपराष्ट्रपति कृष्णकांत का काफिला संसद के गेट नंबर 11 से निकलने वाला था तब एक सफेद रंग की एंबेसडर कार गेट नंबर 11 की तरफ बढ़ रही थी। कार की स्पीड धीरे-धीरे बढ़ती जा रही थी। अचानक कार ने उपराष्ट्रपति के काफिले की कार को टक्कर मार दी। सुरक्षाकर्मी अलर्ट हो गए। वहां तैनात सुरक्षाकर्मी जेपी यादव ने र वॉकी टॉकी पर अन्‍य सुरक्षाकर्मियों को तुरंत संसद के सभी गेट बंद करने का मैसेज भेजा।

संसद हमले में कैसे शहीद हुए जेपी यादव?
उपराष्ट्रपति के काफिले की कार को टक्कर मारने के बाद सफेद कार का चालक उसे संसद के गेट नंबर 9 की तरफ ले जाने लगा। इसी दौरान आतंकियों की कार सड़क किनारे लगे पत्‍थर से टकराकर रुक गई। कार से पांच लोग उतरे और फायरिंग करने लगे। जवाब में दिल्‍ली पुलिस के एएसआई जीतराम ने भी गोलियां चलाईं। इसी दौरान संसद का गेट बंद करने के बाद जेपी यादव ने भी आतंकियों का मुकाबला किया और फायरिंग करने लगे। गोली लगने से जेपी यादव शहीद हो गए। सुरक्षाकर्मियों ने पांच पांचों आतंकियों को मार गिराया था।

जेपी पार्क नीमकाथाना राजस्‍थान
संसद हमले में शहीद हुए जेपी यादव की याद में उनके शहर नीमकाथाना (सीकर) में जेपी पार्क बनाया गया है, जहां हर साल संसद हमले की बरसी पर आयोजन होता है और जेपी यादव की शहादत को याद किया जाता है। लोग शहीद जेपी यादव की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते हैं। जेपी यादव के दो एक बेटा गौरव व एक बेटी है। वीरांगना का नाम प्रेमीदेवी हैं।

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