Nirmal Kanwar Jodha : मोबाइल के फ्रंट कैमरे में देख निशाना लगाती हैं राजस्थान की निर्मल कंवर, देखें VIDEO
नागौर। सामने दिखाई दे रहे टारगेट पर निशाना लगाते तो आपने बहुत से निशानेबाज देखे होंगे। ऐसा निशाना लगाना थोड़ा आसान भी होता है, लेकिन राजस्थान की ये निशानेबाज मोबाइल के फ्रंट कैमरे में देख पीछे दिखाई दे रहे टारगेट को हिट करती है। नाम है निर्मल कंवर जोधा।
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नागौर के गांव निम्बी जोधा की रहने वाली हैं
ये नागौर जिले के लाडनूं उपखंड के ग्राम निम्बी जोधा के ठाकुर परिवार की बेटी है, जो इन दिनों अपने निशानेबाजी के हुनर से सोशल मीडिया पर छाई हुई है। लॉकडाउन के दौरान अभ्यास कर वे अपने बचपन के निशानेबाजी के शौक को पूरा करती हुई मोबाइल में लक्ष्य देख निशाने साध रही है।

निर्मल कंवर की निशानेबाजी के वीडियो वायरल
निर्मल कंवर मोबाइल में देखकर लक्ष्य साधने के वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। इस बारे में निर्मल जोधा का कहना है कि उन्हें बचपन से ही निशाना साधने का शौक था। अपने दादा स्वर्गीय उम्मेद सिंह की प्रेरणा से उसने आगे भी इस शौक को जारी रखा।

पांच साल की बेटी को आत्मरक्षा के गुर
गांव में गणगौर के पर्व के अवसर पर उनके फोर्ट में निशाने लगाने की परंपरा थी तो उस समय निर्मल जोधा भी सभी के साथ निशाना साधने का प्रयास करती थी। वर्तमान में स्वयं के साथ अपनी 5 वर्षीय बच्ची दिया सोलंकी को भी शुरू से ही आत्मरक्षा के गुर सिखा रही है।

ससुराल में भी मिला सपोर्ट
निर्मल जोधा ने बताया कि उनकी शादी राजसमंद जिले के जिलनवाद गांव में हो गई। शादी के बाद भी उनके परिवार द्वारा उनके शौक को पूरा करने में मदद की। निर्मल ने बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि उन्हें अपनी शक्ति व प्रतिभा को पहचान कर बिना डरें उसे विकसित करना चाहिए।

आत्मरक्षा के गुर जरूर आने चाहिए
जोधा का यह भी मानना है कि आज के दौर में महिलाओं को आत्मरक्षा में पारंगत होना चाहिए ताकि मुसीबत के वक़्त वो मदद पहुंचने तक उसका इस्तेमाल कर सकें। सोशल मीडिया में जारी वीडियो में निर्मल जोधा अपने मोबाइल के फ्रंट कैमरे से देखकर उल्टे निशाने साधती नजर आ रही है।

दादा से सीखी निशानेबाजी
निर्मल इसका श्रेय बचपन से मिली विरासत को देती हुई कहती हैं कि बचपन में मेरे दादाजी ने मुझे और मेरी दीदी विमल जोधा के साथ-साथ मेरी चचेरी बहन जसवंत जोधा को निशानेबाजी सिखाना शुरू कर दिया था। मेरे 4 भाइयों गोवर्धन सिंह, लोकेंद्र सिंह, लक्ष्मण सिंह और नरेंद्र सिंह को घुड़सवारी तथा निशानेबाजी सीखने में जितना वक्त देते उससे कहीं ज्यादा अपनी पौत्रियों को निशानेबाजी के गुर सिखाने में जुटे रहते ताकि बेटियां बेटों से कम न रहें। निर्मल ने बताया कि मोबाइल के फ्रंट कैमरा से देखकर उल्टे निशाना साधना इस कोरोना काल में ही सीखा है।












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