Rajasthan: तेजाजी की ज्योत लेकर 23 किमी की पैदल यात्रा पर विधायक रामनिवास गावड़िया, जानिए पूरा मामला
Rajasthan News: राजस्थान में परबतसर विधायक रामनिवास गावड़िया ने आज करीब 23 किमी की पैदल यात्रा की। विधायक रामनिवास अपने समर्थकों के साथ अजमेर जिले के सुरसुरा से वीर तेजाजी महाराज की ज्योत लेकर परबतसर खारिया तालाब स्थित वीर तेजाजी महाराज मंदिर पहुंचे।
विधायक रामनिवास गावड़िया की पैदल यात्रा में समर्थकों के साथ तेजाजी के हजारों भक्तों का रैला नजर आया। आपकों बता दे कि सुरसुरा धाम यह वो स्थान है जहाँ पर 28 अगस्त 1103 को जाटों के लोक-देवता तेजाजी का साँप के काटने से निधन हुआ। उस समय वो दुश्मनों से लड़कर वापस लौट रहे थे।
यहां तेजाजी का एक भव्य मंदिर बना हुआ है तेजासरोवर, लाछा बावड़ी, दादूराम आश्रम, तेजा विकाश समिति धर्मशाला, गव ग्वाल धर्मशाला, जाट विकाश समिति धर्मशाला, तेजा चोक (एक्का चबूतरा) व विशाल तेजा प्रवेश द्वार आदि दर्शनीय स्थल हैं।

दरअसल 14 अगस्त 2022 को विधायक रामनिवास गावड़िया ने परबतसर के खारिया तालाब में 300 वर्षों प्राचीन वीर तेजाजी महाराज के मदिर की नींव रखी थी। इस दौरान खुद रामनिवास गावड़िया ने सवा पांच किलो चांदी की ईट से शुभ मुहूर्त किया था।
विधायक रामनिवास गावडिया ने अपने प्रयास के चलते 2 करोड़ 34 लाख रुपए की लागत से मंदिर का निर्माण कार्य स्वीकार करवाया जा रहा है। इस मंदिर का निर्माण खारिया तालाब के किनारे पर किया गया।
इस दौरान गावड़िया ने कहा कि लोगों की वर्षों पुरानी मांग पुरी होने जा रही है और आमजन में खुशी का माहौल है। तेजाजी मंदिर निर्माण को लेकर लोगों के मन में अनेक तरह की भ्रांतियां थी जिसके लिए वह बार-बार संघर्ष कर रहे थे।
विधायक ने विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि चाय शिक्षा का क्षेत्र हो या चिकित्सा का धार्मिक मामले हो या सड़के सभी प्रकार का विकास कार्य परबतसर विधानसभा में उनके द्वारा करवाए गए हैं।
विधायक ने कहा कि परबतसर की पहचान संपूर्ण भारत में तेजाजी के नाम से हैं उनके नाम से भर जाने वाला विश्व मेला विश्व भर में एक अलग ही अपनी पहचान रखता है।
3 साल में लोगों ने मुझे यह सुनने को मिला कि तेजाजी मंदिर केवल घोषणा मात्र हैं लेकिन अब सपना पूरा हो गया है।इसी के तहत आज अपने समर्थकों के साथ वह सुरसुरा स्थित तेजाजी महाराज मंदिर पहुंचे ।
जहां पर उन्होंने ज्योत लेकर अपने समर्थकों के साथ 23 किलोमीटर की यात्रा पैदल की यात्रा की। जैसे ही वह परबतसर की सीमा में तेजाजी महाराज की ज्योत लेकर पहुंचे तो वहां पर लोगों ने भव्य स्वागत शुरू कर दिया है।












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