छत्रपाल सिंह : 1997 में जन्म, 2015 में आर्मी ज्वाइन, 2018 में बने कमांडो, 2020 में LOC पर शहीद
छत्रपाल सिंह : आतंकियों के सामने मौत बनकर खड़ा रहा झुंझुनूं का लाल, नम आंखों दी अंतिम विदाई
झुंझुनूं। वर्ष 1997 में जन्म। 2015 में भारतीय सेना में भर्ती। 2018 में कमांडो बने और वर्ष 2020 देश की रक्षा के लिए जान की बाजी लगा दी। यह गर्व करने वाला सफर राजस्थान के बहादुर सपूत छत्रपाल सिंह की जिंदगी का है।

शहीद छत्रपाल सिंह का अंतिम संस्कार
राजस्थान के झुंझुनूं जिले के उदयपुरवाटी उपखंड के गांव छावसरी निवासी फौजी छत्रपाल सिंह कश्मीर में सीमा पार से आए आतंकियों को मुंहतोड़ जवाब देते शहीद हो गए। सोमवार शाम को गमगीन माहौल में शहीद छत्रपाल सिंह को अंतिम विदाई दी गई।

भाई ने दी चिता को मुखाग्नि
कोरोना के खौफ के बावजूद शहीद को अंतिम विदाई देने काफी लोग उमड़े। इस दौरान हर किसी ने मास्क पहन रखा था और लोग सोशल डिस्टेंसिंग की भी पालना करते दिखे। शहीद छत्रपाल सिंह के भाई सूर्या प्रताप ने उनकी चिता को मुखाग्नि दी।

ये पांच जवान हुए शहीद
बता दें कि कश्मीर के केरन सेक्टर में आतंकियों से मुठभेड़ में भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए। जवानों ने पांच आतंकवादियों को भी मार गिराया है। शहीद जवानों में छत्रपाल सिंह के अलावा सुबेदार संजीव कुमार, हवलदार देवेन्द्र सिंह, पैराटूपर बाल किशन और अमित कुमार भी शामिल थे।

पोसवाल इलाके में हुई मुठभेड़
बता दें कि छत्रपाल सिंह भारतीय सेना की 4 पैरा (एसएफ) यूनिट में इन दिनों उत्तरी कश्मीर के सेक्टर में एलओसी पर तैनात थे। तीन और चार अप्रैल की रात को आतंकवादी समूह शमसबरी रेंज से नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ करके आए और सेक्टर के पोसवाल इलाके में 'गुर्जर ढोक' (खानाबदोशों का अस्थायी आश्रय) में छिप गए। जहां मुठभेड़ में पांचों जवान शहीद हो गए।
शहीद छत्रपाल सिंह, छावसरी, झुंझुनूं राजस्थान
छत्रपाल सिंह छत्रपाल सिंह का जन्म झुंझुनूं जिले के गांव छावसरी में सुरेश कुमार पाल और शशिकला देवी के घर 12 अगस्त 1997 को हुआ था। इनके 2015 में छत्रपाल भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। इनके एक भाई सूर्या प्रताप सिंह है।

बेटे की शहादत पर गर्व
छत्रपाल सिंह के पिता सुरेश कुमार पाल ने बताया कि उन्हें बेटे की शहादत पर गर्व है। वर्ष 2015 में बेटा भारतीय सेना में चालक के पद पर भर्ती हुआ था। वर्ष 2018 में कमांडो बन गया था।

कानपुर का रहने वाला है शहीद का परिवार
सुरेश कुमार पाल ने बताया कि वे मूलरूप से उत्तर प्रदेश के कानपुर के रहने वाले हैं। पिछले तीन साल से गांव छावसरी में रहकर निजी चिकित्सक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। छत्रपाल सिंह के पिता उनकी शादी के लिए इन दिनों रिश्ता ढूंढ़ रहे थे।
-
MI vs RCB: विराट कोहली ने मुंबई में रच दिया इतिहास, दुनिया में पहली बार हुआ अनोखा कारनामा -
Asha Bhosle Last Post: 'मैं विलीन हो जाऊंगी', निधन से पहले ही आशा ताई ने लिख दिया था 'आखिरी सच' -
MI vs RCB: वानखेड़े में पसरा सन्नाटा, रोहित शर्मा लाइव मैच से बैटिंग छोड़ गए, आखिर क्या है कारण -
Asha Bhosle Net Worth: आशा भोसले कितनी छोड़ गईं प्रॉपर्टी? सिगिंग के अलावा कहां से करती थींं करोड़ों की कमाई -
Asha Bhosle Last Wish: अधूरी रह गई आशा भोसले की अंतिम इच्छा, पॉडकास्ट में बताया था क्या थी स्पेशल ख्वाहिश -
'मैं आखिरी जिंदा मुगल हूं', मंगेशकर परिवार में जन्मीं आशा भोसले ने कब और क्यों कही थी ये बात? -
Asha Bhosle का 92 साल की उम्र में हुआ निधन, मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में दिग्गज सिंगर ने ली आखिरी सांस -
Asha Bhosle: 'बेइंतहा खूबसूरत', कौन हैं जनाई भोसले? क्रिकेटर सिराज से उड़ी थीं अफेयर की खबरें -
Hazeena Syed: 'अपना ईगो अपने बॉयफ्रेंड वेणुगोपाल को दिखाओ', कौन हैं हजीना, जिसने लगाए अलका लांबा पर गंदे आरोप? -
US-Iran Talks: अमेरिका-ईरान में क्यों नहीं बनी बात? होर्मुज से न्यूक्लियर तक, इन 5 वजहों ने रोकी शांति की राह -
Iran US Talk Fail: फंस गया अमेरिका? शांति समझौते की जरूरत ईरान से ज्यादा ट्रंप को? 4 प्वाइंट्स में समझें -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta 12 April: LSG vs GT, लखनऊ-गुजरात में धुरंधरों की फौज, किसे मिलेगी जीत?












Click it and Unblock the Notifications