लोकसभा चुनाव 2024: क्या मतगणना के बाद अकेले पड़ जाएंगे अशोक गहलोत, 'अपने ही नेता' क्यों साध रहे निशाने?
आम चुनाव 2024 में अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत जालोर सीट से जीत पाएंगे? मतगणना के बाद अशोक गहलोत अकेले पड़ जाएंगे? इन सारे सवालों का जवाब लोकसभा चुनाव के नतीजों से मिल पाएगा।
लोकसभा चुनाव 2024 में मतगणना के चंद दिन शेष रह गए हैं। एक जून को आखिरी चरण के मतदान के बाद 4 जून राजस्थान की 25 सीटों के साथ ही देशभर की 543 सीटों के नतीजे आएंगे। लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों से पहले पूर्व अशोक गहलोत अपने बयानों के चलते सुर्खियों में हैं।

पिछले दिनों लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने वालों को अशोक गहलोत ने नाकारा, निकम्मा और गद्दार कह दिया। बोले कि पार्टी में भी कुछ लोगों ने पीठ में छुरा घोंपने का काम किया है।
अशोक गहलोत भाजपा-कांग्रेस दोनों पार्टियों के नेताओं के निशाने पर आ गए हैं। जानिए किस नेता ने गहलोत को कैसे टारगेट किया?
सुशील आसोपा, पूर्व सचिव कांग्रेस
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व सचिव सुशील आसोपा ने सोशल मीडिया पर लिखा कि INC छोड़कर BJP में जाने वालों से गहलोतजी का गुस्सा वाजिब पर उनको गद्दार, नाकारा कहना कांग्रेस की भाषा नहीं। राजेंद्र यादव, कटारिया, रिछपाल आदि आपके इतने खास थे उनके लिए ये शब्द, हे राम! आपके कहने पर तो इन लोगों ने 25 सितंबर को आदरणीय सोनिया जी, खड़गेजी का अपमान तक कर दिया था सर!
खिलाड़ी लाल बैरवा, पूर्व मंत्री, राजस्थान
कांग्रेस छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने वाले नेताओं में खिलाड़ी लाल बैरवा भी शामिल हैं। बैरवा ने भी गहलोत पर निशाना साधा है। कहा कि 'कांग्रेस की राजनीति की बात करें, तो अशोक गहलोत से बड़ा कोई गद्दार नहीं है। खिलाड़ी लाल बैरवा ने अपने करीबी सचिन पायलट के बाद 25 सितंबर की घटना को लेकर गहलोत पर करारा प्रहार किया है।'
रिछपाल मिर्धा, पूर्व विधायक
कांग्रेस से भाजपा में गए पूर्व विधायक रिछपाल मिर्धा ने कहा कि पार्टी छोड़कर जाने की वजह तो गहलोत खुद हैं। उन्होंने पांच साल तक सरकार में रहते हुए खूब मनमर्जी की। कांग्रेसी नेताओं के भी काम नहीं किए। नेताओं को आपस में लड़ाया। यही वजह से कि कांग्रेस के कई नेता आपकी वजह से कांग्रेस छोड़कर चले गए और कांग्रेस की दुर्गति हो गई।












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