Hanuman Beniwal Profile: हनुमान बेनीवाल की नागौर सीट पर गठबंधन करके ही क्यों लड़ते हैं चुनाव?
Hanuman Beniwal Alliance Nagaur Seat: हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा चुनाव 2024 के मैदान में भी ताल ठोक दी है। इस बार हनुमान बेनीवाल के लिए इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस ने नागौर सीट छोड़ी है।
हनुमान बेनीवाल ने लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा के साथ गठबंधन करके नागौर सीट पर जीत दर्ज की थी। हालांकि बाद में खींवसर सीट से विधानसभा चुनाव जीतकर सांसदी छोड़ दी थी।

जानिए ऐसी क्या वजह है कि हनुमान बेनीवाल खुद राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हैं, इसके बावजूद अपनी पार्टी के दम पर लोकसभा चुनाव नहीं लड़ते। कभी भाजपा तो कभी कांग्रेस के साथ गठबंधन करते हैं।
छात्र राजनीति से निकले हनुमान बेनीवाल
- हनुमान बेनीवाल छात्र राजनीति की उपज हैं। ज्यादातर पढ़ाई जयपुर से की। पढ़ाई के दौरान ही राजनीति में सक्रिय हो गए थे।
- साल 1995 में राजस्थान कॉलेज, 1996 में यूनिवर्सिटी लॉ कॉलेज, साल 1997 में राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष बने।
- छात्र हितों के लिए हनुमान बेनीवाल ने खूब धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया, जिससे खास पहचान मिली।

हनुमान बेनीवाल कितनी बार विधायक रहे
- हनुमान बेनीवाल ने 4 बार विधायक बने हैं। साल 2003 में ओमप्रकाश चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोकदल से नागौर जिले की मूंडवा सीट से चुनाव लड़ा और दूसरे स्थान पर रहे।
- हनुमान बेनीवाल का राजस्थान की राजनीतिक बढ़ता देख भाजपा ने साल 2008 में इनको खींवसर सीट टिकट दिया और पहली बार विधायक बने।
- खींवसर से भाजपा विधायक बनने के बाद हनुमान बेनीवाल की वसुंधरा राजे सिंधिया के साथ पटरी नहीं बैठ पाई। दोनों के बीच मतभेदों के चलते बेनीवाल ने भाजपा से इस्तीफा दे दिया था।
- भाजपा से अलग होकर साल 2013 का चुनाव हनुमान बेनीवाल ने खींवसर से निर्दलीय जीता और फिर खुद की पार्टी खड़ी करने की कोशिशों में जुट गए। साल 2018 और 2023 का विधानसभा चुनाव हनुमान बेनीवाल ने खींवसर सीट से अपनी पार्टी आरएलपी (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी) से जीता।
Nagaur Lok Sabha Chunav 2024 (नागौर लोकसभा चुनाव 2024)
राजस्थान में आरएलपी की स्थापना कैसे हुई?
आरएलपी मतलब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी, जिसकी स्थापना 29 अक्टूबर 2018 को वीर तेजा रोड जयपुर में हनुमान बेनीवाल ने की। साल 2018 में ही आरएलपी ने पहली बार विधानसभा चुनाव में भाग्य आजमाया, खींवसर से हनुमान बेनीवाल, भोपालगढ़ से पुखराज गर्ग और मेड़ता से इंदिरा देवी ने जीत दर्ज की। बाद में हनुमान बेनीवाल भाजपा से गठबंधन करके नागौर सांसद बने गए और अपनी सीट खींवसर से भाई नारायण बेनीवाल को विधायक बनवा दिया।
हनुमान बेनीवाल का जीवन परिचय व गठबंधन की वजह
- हनुमान बेनीवाल का जन्म 2 मार्च 1972 को राजस्थान के नागौर जिले के गांव बरनगांव में रामदेव और माता मोहिनी देवी के घर हुआ।
- साल 2009 में हनुमान बेनीवाल की शादी कनिका बेनीवाल से हुई। इनके एक बेटा व बेटी है।
- हनुमान बेनीवाल का गठबंधन करके चुनाव लड़ने की वजह राजनीति के जानकार यह बताते हैं कि नागौर में हनुमान बेनीवाल और उनकी पार्टी की पकड़ साल दर साल मजबूत होती जा रही है, जो भाजपा-कांग्रेस का खेल बिगाड़ तो सकती है, मगर अकेले के दम पर लोकसभा जैसा बड़ा चुनाव नहीं निकाल पाने की स्थिति में हैं। ऐसे भाजपा-कांग्रेस ही नहीं बल्कि हनुमान बेनीवाल भी मजबूरी में गठबंधन करके लोकसभा का चुनाव लड़ते हैं।












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