कोलिहान खदान हादसा: रेस्क्यू ऑपरेशन में यूं बचाई 14 अफसरों की जान, पूरी कहानी प्लाटून कमांडर की जुबानी
राजस्थान झुंझुनूं जिले के खेतड़ी में हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की कोलिहान खदान में लिफ्ट की चेन टूटने से हुए हादसे में चीफ विजिलेंस ऑफिसर की मौत हो गई जबकि 14 अधिकारी उसमें फंस गए थे, जिनकी जान एसडीआरएफ समेत 3 टीमों के 30 सदस्यों ने 8 घंटे मेहनत करके में बचाई।
कोलिदान खदान में फंसे लोगों को बचाने वालों में प्लाटून कमांडर रवि वर्मा शामिल रहे। वर्मा ने बताया कि मंगलवार रात करीब 10 बजे सूचना मिली थी कि खेतड़ी में 15 लोग गहरी खदान में दब गए हैं। सूचना के करीब आधा घंटे बाद ही इनकी टीम रवाना हो गई थी।

रवि वर्मा व उनकी टीम के साथ सबसे दिक्कत यह थी कि इन्हें बोरवेल में रेस्क्यू ऑपरेशन का तो अनुभव था, मगर किसी गहरी खदान का यह पहला मौका था। टीम थोड़ी नर्वस थी, परंतु हौसला गजब का था।
खेतड़ी में कोलिहान खदान में पहुंचने के बाद रवि वर्मा की टीम ने झुंझुनूं कलेक्टर-एसपी व खदान के अधिकारियों से फीडबैक लिया और फिर माइंड मैप तैयार किया। सुरक्षा के उपकरण, चुनौती को लेकर साथियों से चर्चा की। टीम में रवि वर्मा के अलावा इम्तियाज अली, हवा सिंह, धौलाराम, धर्मेंद्र, ओमप्रकाश, राजेंद्र, गिरधारी लाल, सुरेंद्र, मनराज, कानाराम व सागरमल शामिल थे।
टीम ने माइनस 90 मीटर से 64 मीटर लेवल तक घायलों को लाना मुश्किल काम था। खुद की सुरक्षा के साथ ही फंसे हुए घायल लोगों को सुरक्षित निकलना था। इन्होंने लोहे की सीढ़ियां लगाई।

रोप पूली का बेस बनाया। बचाव दल के सदस्यों को अंदर भेजकर स्ट्रक्चर पहुंचाया। वहां अंधेरा हमारी मुश्किल बढ़ा रहा था। टॉर्च की व्यवस्था की। स्ट्रक्चर की मदद से एक-एक करके घायलों का 64 मीटर लेवल पहुंचाया।
वहां से विशेष वाहन से बाहर लेकर आए, जिनकी हालत गंभीर थी। एक-एक करके 14 लोगों को सकुशल वापस पहुंचाया। उपेंद्र पांडे की पहले ही मौत हो चुकी थी। घायलों को प्राथमिक उपचार देकर अस्पतालों में पहुंचाया।

दरअसल, कोलकाता से माइंस निरीक्षक के लिए एक टीम कोलिहान खदान आई थी। खदान मैनेजर ने आनन-फानन में 55 साल पुरानी लिफ्ट को ओके करार दे दिया। शाम को जैसे ही निरीक्षण टीम उस लिफ्ट में सवार होकर खदान में जा रही थी तो 515 मीटर नीचे गिर गई और 90 मीटर नीचे चली गई।












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