Narendra Khichar: इकलौते ऐसे सांसद, जिन्हें 'प्रधान' भी बोलती है जनता, वजह रोचक

Jhunjhunu News in Hindi, झुंझुनूं। राजनीति में 'चाचा' मतलब जवाहर लाल नेहरू, 'दीदी' यानी ममता बनर्जी, 'मामा' बोले तो शिवराज सिंह चौहान और 'जादूगर' माने अशोक गहलोत। ठीक इसी तरह राजस्थान के एक सांसद की पहचान भी 'प्रधान' के रूप में है।

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वन इंडिया की 'जानिए अपना सांसद' सीरीज में आज बात करते हैं झुंझुनूं से भाजपा सांसद नरेन्द्र कुमार खींचड़ 'प्रधान जी' की ( Narendra Kumar Khichar ) । ये संभवताया ऐसे इकलौते सांसद हैं, जिन्हें 'प्रधान' से भी लोकप्रिय हैं।

पांच साल तक रहे अलसीर प्रधान

पांच साल तक रहे अलसीर प्रधान

दरअसल, 'प्रधान' नाम के पीछे एक रोचक स्टोरी है। वो ये कि शिक्षाविद नरेंद्र कुमार लम्बे समय से झुंझुनूं की राजनीति की में सक्रिय है। वर्ष 2003 में मंडावा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय भाग्य आजमाया। पहली बार में हार नसीब हुई, मगर जनता के बीच लगातार बने रहे। हर किसी के दिलों में जगह बनाई। 2004 में भाजपा ज्वाइन कर ली। अगले ही साल 2005 में पंचायत समिति का चुनाव लड़ा जीत गए। जनता के विश्वास के साथ-साथ पंचायत समिति के सदस्यों का भी विश्वास जीता और अलसीसर पंचायत समिति के प्रधान चुने गए। इस 2010 तक प्रधान के पद रहे। ये पद ही इनके नाम के साथ जुड़ गया और नरेन्द्र कुमार प्रधान के रूप में नई ​पहचान मिली। 2008 में विधानसभा चुनाव और 2010 में पंचायत समिति सदस्य का चुनाव हार गए, मगर प्रधान की पहचान बरकरार रही, जो अब तक है।

निर्दलीय जीते तो अगली बार टिकट मिली

निर्दलीय जीते तो अगली बार टिकट मिली

वर्ष 2013 में भाजपा की टिकट नहीं मिलने पर नरेन्द्र प्रधान निर्दलीय मैदान में उतरे और न केवल पूर्व विधायक रीटा चौधरी के सामने शानदार जीत दर्ज की बल्कि कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष डॉ. चन्द्रभान की जमानत तक जब्त करवा दी। 2013 की जीत के बाद नरेंद्र कुमार खींचड़ फिर भाजपा के साथ जुड़ गए। पांच साल तक शानदार काम किया। नतीजा यह रहा कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में भाजपा ने नरेंद्र पर ही दांव लगाया और इस बार भले ही राजस्थान में भाजपा वापसी नहीं कर पाई हो, मगर नरेंद्र प्रधान अपनी सीट बचाने में सफल रहे।

लोकसभा चुनाव 2019 में चला 'प्रधान जी' का जादू

लोकसभा चुनाव 2019 में चला 'प्रधान जी' का जादू

विधानसभा चुनाव में लगातार दो बार जीतने की वजह से लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा को नरेंद्र कुमार 'प्रधान' ही सबसे मजबूत दावेदार नजर आए। भाजपा ने मौजूदा सांसद संतोष अहलावत की टिकट काटकर नरेंद्र कुमार को प्रत्याशी बनाया। वहीं कांग्रेस ने इनके सामने पूर्व विधायक श्रवण कुमार को मैदान में उतारा। मोदी की सुनामी में 'प्रधान जी' का जादू भी चला। NARENDRA KUMAR ने 738163 व SHARWAN KUMAR ने 435616 मत हासिल किए। नरेंद्र कुमार खींचड़ ने 3 लाख 2 हजार 547 वोटों से जीत दर्ज की।

झुंझुनूं सांसद नरेंद्र कुमार खींचड़ का परिवार

झुंझुनूं सांसद नरेंद्र कुमार खींचड़ का परिवार

नरेंद्र कुमार खींचड़ मूलरूप से झुंझुनूं जिले में मंडावा-बिसाऊ रोड पर​ स्थित गांव कमालसर के रहने वाले हैं। नाथूसिंह के घर 29 जून 1960 को जन्मे। फतेहपुर शेखावाटी के चमड़ियाा कॉलेज से बीकॉम किया और फिर शिक्षा के क्षेत्र में कॅरियर बनाया और इंडियन पब्लिक स्कूल खोली। वर्तमान में इनके स्कूल में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों के बच्चे पढ़ रहे हैं। बता दें कि नरेंद्र कुमा की शादी भगवति देवी के साथ हुई। इनके दो बेटे व तीन बेटी हैं।

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