Vijay Diwas 2024: दशरथ सिंह ने 28 की उम्र में पाकिस्तान को धोया, कारगिल जंग से लौटकर बनाए 7 विश्व रिकॉर्ड
Kargil Vijay diwas 2024: 'मैंने महज 17 साल की उम्र में ही इंडियन ज्वाइन कर ली थी। 1999 में कारगिल जंग छिड़ी तब मैं उरी सेक्टर में तैनात था। राजपूत रेजिमेंट की हमारी टुकड़ी दुश्मनों के कई ठिकानों को तबाह किया था। हमारे भी कई साथी शहीद हो गए थे।'
भारत-पाकिस्तान युद्ध 1999 के यादें दशरथ सिंह शेखावत के जेहन में आज भी ताजा हैं। दशरथ सिंह शेखावत राजस्थान के झुंझुनूं जिले की नवलगढ़ तहसील के गांव खिरोड़ के रहने वाले हैं। ये भी कारगिल में अदम्य साहस दिखा चुके हैं।

वन इंडिया हिंदी के साथ बातचीत में दश्रथ सिंह शेखावत ने बताया कि 'कारगिल जंग में हम एलओसी पर एक पहाड़ तक पर कब्जा कर लिया था। उसे जगह आज भी राजपूत टेकड़ी के नाम से पहचाजा जाता था। पहले यहां पर पाकिस्तानी फौज रहा करती थी। अब इंडियन फौज तैनात रहती है।'
1971 में जन्मे दशरथ सिंह शेखावत ने साल 1999 में 28 साल की उम्र में पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था और फिर भारतीय सेना से रिटायरमेंट के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सात विश्व रिकॉर्ड बना डाले। अब 54 साल की उम्र में दशरथ सिंह शेखावत के 101 डिग्री डिप्लोमा सर्टिफिकेट हैं। ये तीन विषयों में पीएचडी कर चुके हैं।
दशरथ सिंह शेखावत बताते हैं कि भारतीय सेना से रिटायर होने के बाद बतौर लीगल काउंसलर सेना में जयपुर में सेवाएं दे रहे हैं। भारतीय सेना में 16 साल तक रहे। पढ़ने-लिखने में बचपन से ही रुचि थी तो रिटायरमेंट के बाद भी तैयारी जारी रखी और हर साल 40-45 परीक्षाएं दे दिया करते थे।
हाल ही वर्ल्डवाइड बुक ऑफ रिकॉर्ड बनाने पर दशरथ सिंह शेखावत को मोस्ट एजुकेशनली क्वालीफाइड पर्सन ऑफ द प्लानेट के खिताब से नवाजा गया। इनके पास 101 डिग्री-डिप्लोमा-सर्टिफिकेट में 3 पीएचडी, 25 विष्य में एमए, 8 विषय में स्नातक, 2 पीजी, 8 सेना से संबंधित डिग्री-डिप्लोमा व 13 ऑनलाइन कोर्स शामिल हैं।
दशरथ सिंह शेखावत के रिकॉर्ड
-इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड
-एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड
-गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
-गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड
-इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड
-यूएसए बुक ऑफ वर्ल्ड
-लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड












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