Tailor Kanhaiyalal: नृशंस हत्या के एक साल, उदयपुर की क्राइम थ्रिलर के पीड़ित परिवार को आज भी इंसाफ का इंतजार
नफरती भाषणों के बेलगाम चलन के बीच एक साल पहले राजस्थान में नृशंस हत्या हुई थी। कथित तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता और निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा के समर्थन में सोशल मीडिया पोस्ट के कारण उदयपुर के कन्हैया लाल दर्जी का मर्डर हुआ था।
दिनदहाड़े सिर कलम कर दिया
पिछले साल 28 जून को उदयपुर में दर्जी कन्हैया लाल की उनकी दुकान के अंदर दिनदहाड़े दो लोगों ने हत्या कर दी थी। सिर काटे जाने की इस खौफनाक वारदात से पूरे देश में जनाक्रोश फैल गया था।

मर्डर केस की जांच में NIA भी शामिल
एक साल बीतने के बाद भी पीड़ित परिवार इंसाफ के इंतजार में है। ये मामला इतना बड़ा है कि जांच के लिए नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) को जिम्मा सौंपा गया। कन्हैया लाल के बेटे यश के अलावा पूरा परिवार हत्यारे को अंजाम तक पहुंचाना चाहता है।
पैगंबर मुहम्मद पर कमेंट से हुआ बवाल
अदालत में लंबित प्रक्रिया के बीच कन्हैया लाल के परिवार को उम्मीद है कि हत्याकांड के दोषियों को जल्द सजा मिलेगी। बता दें कि हत्या कांड से पहले पैगंबर मुहम्मद पर आपतिजनक टिप्पणी को लेकर बवाल हुआ था।
क्राइम थ्रिलर को सिल्वर स्क्रीन पर दिखाने की तैयारी
अब कन्हैया लाल हत्याकांड पर फिल्म भी बनाने की तैयारी हो रही है। 28 जून को, जो कि कन्हैया लाल की पहली बरसी के मौके पर निर्देशक अमित जानी उदयपुर में फिल्म और उससे जुड़ी अन्य चीजों पर परिवार के साथ चर्चा करेंगे, ऐसी खबरें आई हैं।
पूरे अपराध की टाइमलाइन
बता दें कि कन्हैयालाल पर हमला करने वाले लोगों ने वारदात की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की। बाद में एक और वीडियो सामने आया जिसमें हमलावरों ने मर्डर की बात स्वीकार करते हुए सुना गया। हमलावरों ने कहा, नूपुर शर्मा की पैगंबर पर विवादित टिप्पणी का बदला लेने के लिए हत्या की।
पुलिस ने चार घंटे के भीतर दो अभियुक्तों को अरेस्ट किया जिनकी पहचान मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद के रूप में हुई। राजस्थान पुलिस में डीजीपी मोहन लाल लाथर के अनुसार दोनों के तार धार्मिक संगठन दावत-ए-इस्लामी से जुड़े हैं। पुलिस के अनुसार, गौस मोहम्मद 2014 में पाकिस्तानी के शहर कराची भी गया था।
राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार ने मामले की जांच के लिए स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप का गठन किया। इसके साथ एसआईटी और राष्ट्रीय एजेंसी- NIA भी इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के लोगों को लापरवाही के आरोप में एसएचऔ और एएसआई को निलंबित किया गया।
पुलिस के अनुसार, 10 जून को कन्हैया के खिलाफ कंप्लेन आई। 11 जून को उन्हें गिरफ्तार किया गया। 12 जून को जमानत हो गई। 15 जून को जान का खतरा बताते हुए कन्हैयालाल ने पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा और समय रहते एक्शन नहीं लिया। ठीक दो हफ्ते बाद उनकी नृशंस हत्या हो गई।












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