राजस्थान में अब 'जाट आंदोलन' की आहट, 25 दिसंबर से महापड़ाव का ऐलान, जानिए जाटों की मांगें
भरतपुर। कृषि कानूनों के खिलाफ देशभर में चल रहे किसान आंदोलन के बीच अब जाट राजस्थान सरकार की मुश्किल बढ़ाने वाले हैं। आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान के जाटों ने 25 दिसंबर से महापड़ाव का ऐलान किया है।
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भरतपुर में 25 दिसंबर को भरतपुर संस्थापक महाराजा सूरजमल का बलिदान दिवस है। इसी दिन से भरतपुर धौलपुर जिलों के जाट केंद्र में ओबीसी वर्ग में आरक्षण की मांग को लेकर महापड़ाव शुरू करेंगे। जाटों का आरोप है कि सरकार को हमारी मांगों पर विचार करने के लिए 20 दिन का वक्त दिया था, लेकिन सरकार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। अब सिर्फ आंदोलन का रास्ता बचा है।
जाट आरक्ष संघर्ष समिति संयोजक नेम सिंह समेत अन्य जाट नेताओं के आरोप हैं कि साल 2017 में हुए जाट आंदोलन समझौता के दौरान राजस्थान सरकार ने जाटों को वायदा किया था कि दोनों जिलों के जाटों को केंद्र में आरक्षण के लिए राज्य सरकार चिट्ठी लिखेगी और दर्ज मुकदमों को वापस लिया जायेगा, लेकिन राजस्थान सरकार ने इन मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया है।












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