राजस्थान में 3657 दिन की शादी में क्यों लगा 3 करोड़ का जुर्माना, वजह जानकर हैरत में पड़ जाएंगे आप

Jaipur News: जयपुर की फैमिली कोर्ट-3 ने पति-पत्नी की आपसी रजामंदी के बाद 3657 दिन पुरानी शादी को महज 10 दिन में खत्म कर दिया। चर्चा है कि शादी के बाद दोनों पति-पत्नी खुश नहीं थे।

राजस्थान के जयपुर में तलाक का अनूठा मामला सामने आया है। जहां कोर्ट में 3 करोड़ रूपए के एकमुश्त जुर्माना भरते ही पति का तलाक मंजूर कर दिया। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद, उनके बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, तलाक की मंजूरी दी।

jaipurs-family-court-3-ended-the-3657-day-old-marriage-in-10-days-fined-rs-3-crore

अमूमन देखने को मिलता है कि कोर्ट में जब किसी केस की सुनवाई चलती है तो फैसला आने में लंबा समय लग जाता है। सामान्य प्रकरणों में भी महीनों बीत जाते हैं। पति पत्नी की सहमति से होने तलाक के मामले में भी छह महीने से ज्यादा का वक्त लग जाता है।

पति-पत्नी की ओर से आपसी रजामंदी के बाद तलाक की अर्जी पेश करने पर कोर्ट में पहली सुनवाई के बाद कोर्ट की ओर से चार छह महीने की अगली तारीख दी जाती है ताकि भरण पोषण के मामले का निस्तारण होने के साथ तलाक पर पुनर्विचार का मौका भी मिल सके। राजधानी जयपुर में पहली बार ऐसा हुआ है जब सिर्फ 10 दिन में तलाक हो गया।

जयपुर में फैमिली कोर्ट संख्या 9 में आए एक तलाक के मामले को न्यायाधीश ने सिर्फ 10 दिन में केस को डिस्पोजल कर दिया। इस केस में पति-पत्नी की आपसी सहमति से तलाक नामा पेश किया गया था।

पहली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पत्नी और बेटी के भरण पोषण के लिए 3 करोड़ रुपए देने के निर्देश दिए थे। इसमें दो करोड़ पत्नी और एक करोड़ रुपये आठ साल की बेटी को देने के निर्देश दिए थे। तलाकनामा पेश करने वाले पति ने 3 करोड़ रुपए की राशि एकमुश्त दे दी। इसके बाद कोर्ट ने तलाक को तुरंत मंजूरी दे दी।

इस मामले से जुड़े एडवोकेट सुनील शर्मा ने बताया कि युवक-युवती की शादी 2 अप्रैल 2010 को हुई थी। शादी के बाद एक बेटी भी हुई लेकिन कुछ ही समय बाद पति पत्नी में वैचारिक मतभेद शुरू हो गए।

30 मई 2022 से पति-पत्नी अलग अलग रहने लगे। तमाम कोशिशों के बाद पति-पत्नी ने तय कर लिया कि अब वे भविष्य में एक साथ नहीं रह पाएंगे। दोनों ने आपसी सहमति से एडवोकेट सुनील शर्मा के जरिए 30 अप्रैल 2024 को कोर्ट में तलाकनामा पेश किया। पत्नी और बेटी के भरण पोषण की राशि एकमुश्त जमा कराने के बाद जज अजय शुक्ला ने तलाक को मंजूर करके डिक्री पारीत कर दी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+