Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Jaipur Hospital Fire: 'डॉक्टर गेट बंद कर भागे, फायर अलार्म तक नहीं बजा', तीमारदारों की दिल दहलाने वाली आपबीती

Jaipur SMS Hospital Fire: राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मान सिंह (एसएमएस) के ट्रॉमा सेंटर में रविवार (5 अक्टूबर 2025) देर रात लगी आग ने पूरे शहर को सिहरा दिया। टूटे शीशे, जले हुए बेड, राख का ढेर और बिखरी चप्पलें...ये दृश्य किसी युद्धक्षेत्र जैसे लग रहे हैं।

आग में 6 मरीजों की जलने और दम घुटने से मौत हो गई, जबकि 5 की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप लगाया कि डॉक्टरों और स्टाफ ने आईसीयू का गेट बंद कर भाग गए, फायर अलार्म नहीं बजा, और निकासी की कोई योजना ही नहीं थी। शॉर्ट सर्किट की चेतावनी को भी नजरअंदाज किया गया। आइए, जानते हैं इस खौफनाक रात की पूरी कहानी...

Jaipur SMS Hospital fire

Jaipur SMS Hospital Fire Breakdown Reason: आग कैसे लगी? शॉर्ट सर्किट की अनदेखी

पुलिस कमिश्नर बिजू जॉर्ज जोसेफ के मुताबिक, आग शॉर्ट सर्किट से लगी, लेकिन FSL जांच के बाद ही पुष्टि होगी। ट्रॉमा सेंटर के प्रभारी डॉ. अनुराग धाकड़ ने बताया कि दूसरी मंजिल पर स्थित आईसीयू में रात 11:15 बजे चिंगारी दिखी, जो तेजी से फैल गई। 11 मरीज आईसीयू में थे, 13 सेमी-आईसीयू में। धुंए और जहरीली गैसों ने हालात बिगाड़ दिए। स्टाफ ने अग्निशामक यंत्रों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन एक घंटे बाद दमकल गाड़ियां पहुंचीं।

परिजनों का कहना है कि शॉर्ट सर्किट की सूचना पहले ही दे दी थी। मृतक पिंटू गुजर के भाई दशरथ गुजर ने कहा, 'हमने स्टाफ को चेतावनी दी, लेकिन उन्होंने कहा 'कुछ नहीं होगा, खुद शांत हो जाएगा'। कुछ मिनटों में धुआं भर गया। स्टाफ भाग गया, फायर अलार्म नहीं बजा। अग्निशामक यंत्र भी खाली थे। आखिर में हमने चादरों से मरीज को ढककर बाहर निकाला।' अस्पताल में सिर्फ एक फायरमैन और एक सहायक थे, स्प्रिंकलर काम नहीं कर रहे थे। निकासी योजना का नामोनिशान नहीं।

Jaipur SMS Hospital Eyewitness: 'मां को बचाने कूदे, लेकिन...'

मौतों ने कई परिवारों के ऊपर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मृतकों में पिंटू (सीकर), दिलीप (आंडी, जयपुर), श्रीनाथ, रुकमिणी, खुदमा (सभी भरतपुर से) और बहादुर (संगानेर, जयपुर) शामिल हैं।

  • रुकमिणी कौर (55 वर्ष): 17 सितंबर को ब्रेन हेमरेज से भर्ती। बेटे शेरू सिंह और जोगिंदर सिंह ने शॉर्ट सर्किट की सूचना दी, लेकिन स्टाफ ने नजरअंदाज किया। जोगिंदर ने बताया, 'प्लास्टर पिघलकर गिरने लगा। डॉक्टर बेड हटाने लगे, लेकिन धुआं बढ़ा तो भाग गए। हमें आईसीयू में घुसने नहीं दिया। शेरू किसी तरह अंदर कूदे।' शेरू के हाथ अब भी काले हैं। वे रोते हुए कहते हैं, 'मुझे मां वापस चाहिए।'
  • कुशमा देवी: 1 अक्टूबर को सड़क हादसे के बाद भर्ती, हालत सुधर रही थी। बेटे नरेंद्र ने कहा, 'मैं खाना लेने नीचे गया था। लौटा तो गेट बंद। मां के बारे में कोई खबर नहीं।' पत्नी चीखी, 'ससुर जी ने कहा, 'तेरी मैय्या जल गई'।' नरेंद्र अब भी शव की तलाश में हैं। पुलिस कांस्टेबल हरि मोहन, जो खुद मरीज थे, ने अग्निशामक से शीशा तोड़ा और चादरों से मरीजों को निकाला। परिजनों ने सोमवार सुबह अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया, स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया।

अस्पताल का बचाव: 'धुंएं ने घुसना मुश्किल किया'

डॉ. धाकड़ ने आरोपों का खंडन किया- 'धुंएं और गैसें तेज फैलीं, बिजली का करंट भी था। स्टाफ और वार्ड बॉय ने जान जोखिम में डालकर 24 मरीजों को बाहर निकाला। दमकल को तुरंत कॉल किया। पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारण साफ होंगे।' शव सौंपने का काम चल रहा है।

सरकार की प्रतिक्रिया: जांच कमिटी बनी, PM ने शोक जताया

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) ने रात में अस्पताल पहुंचकर हालात देखे। उन्होंने इसे 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया और घायलों के इलाज का भरोसा दिया। सरकार ने 6 सदस्यीय जांच कमिटी गठित की - चेयरमैन इकबाल खान (मेडिकल डिपार्टमेंट कमिश्नर)। इसमें राजमेस के अधिकारी, PWD इंजीनियर और फायर ऑफिसर शामिल। पूर्व CM अशोक गहलोत ने न्यायिक जांच की मांग की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ट्वीट कर शोक जताया- 'जयपुर अस्पताल आग कांड हृदय विदारक। मृतकों के परिजनों को संवेदना। घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना।' उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने कहा, 'राहत कार्यों की निगरानी हो रही।'

लापरवाही पर सवाल, सबक लेना जरूरी

एसएमएस अस्पताल जयपुर की जान है, लेकिन ये हादसा सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े करता है। फायर सेफ्टी, स्टाफ ट्रेनिंग और इमरजेंसी प्लान की कमी ने जिंदगियां लील लीं। मृतकों की आत्मा को शांति मिले, परिवारों को न्याय। क्या ऐसी त्रासदी दोबारा न हो, इसके लिए तुरंत सुधार जरूरी। आगे के लेटेस्ट अपडेट के लिए बने रहें...

ये भी पढ़ें- Jaipur SMS Hospital Fire: अस्पताल में लगी आग के बाद जायजा लेने पहुंचे अशोक गहलोत, सरकार पर दागे सवाल

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+