INS Brahmaputra Fire: आईएनएस ब्रह्मपुत्र में आग, झुंझुनूं के सत्येंद्र सांखला शहीद, 60 घंटे बाद मिला शव
INS Brahmaputra Fire Martyred Satyendra singh Sankhla: भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस ब्रह्मपुत्र में लगने से सत्येंद्र सिंह सांखला शहीद हो गए। 24 वर्षीय सांखला राजस्थान के झुंझुनूं जिले के डांगर गांव के रहने वाले थे। गुरुवार को सत्येंद्र सिंह सांखला के शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार सत्येंद्र सिंह सांखला ने साल 2018 में भारतीय नौसेना नाविक पद पर ज्वाइन की थी। इन दिनों सांखला की पोस्टिंग मुम्बई के नेवी डॉकयार्ड पर थी। वहां रविवार को मेंटेनेंस के दौरान युद्धपोत में आग लग गई। आग संभवतया वेल्डिंग के कारण लगी थी।

आग लगने के कारण जहाज एक तरफ झुक गया था। आग पर 16 घंटे बाद काबू पाया जा सका। हादसे के समय आईएनएस ब्रह्मपुत्र पर करीब 300 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। हादसे में केवल सत्येंद्र सिंह सांखला के शहीद होने की सूचना है।
आग लगने के बाद सत्येंद्र सिंह सांखला लापता हो गए थे। नेवी के गोताखोरों ने करीब 60 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद बुधवार तड़के तीन बजे शव को समुद्र से बाहर निकाला, मगर तब तक वे वीरगति को प्राप्त हो चुके थे। पार्थिक देह गुरुवार को उनके गांव पहुंचेगी।
परिजनों ने मीडिया से बातचीत में बताया कि सत्येंद्र सिंह सांखला तीन माह पहले ही गांव आए थे। तब परिवार में किसी का निधन हो गया था। अविवाहित सत्येंद्र सिंह सांखला के लिए परिजन रिश्ता देख रहे थे। उनके शहादत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
नौसेना जवान सत्येंद्र सिंह सांखला की पार्थिव देह गुरुवार सुबह नौ बजे गांव डांगर पहुंचेगी। शहीद सत्येंद्र सिंह के सम्मान में गुरुवार को तिरंगा रैली भी निकाली जाएगी। शहीद सत्येंद्र सिंह का परिवार डांगर-गिडानिया सीमा पर खेत में मकान बनाकर रहता है। उनके माता-पिता गांव में ही खेती-बाड़ी करते हैं। जवान का बड़ा भाई मनेंद्र सिंह जोधपुर में निजी स्कूल में शिक्षक है। वह प्रतियोगी परीक्षा की भी तैयारी कर रहा है।












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