Prerna Singh Khichi : पारम्परिक परिधानों में सजी यह बहादुर महिला है भारतीय सेना में मेजर

Jhunjhunu News in Hindi, झुंझुनूं। राजस्थान के राजपूत आन, बान और शान के लिए जाने जाते हैं। भारतीय सेना में इनका अलग ही रुतबा है। रक्षा का जज्बा तो राजपूतों में कूट-कूटकर भरा हुआ है। शायद यही वजह है कि इस बहादुर कौम के कई बेटा-बेटी हिन्दुस्तान की रक्षा के लिए सरहद पर तैनात हैं।

आईए, हम आपको मिलवाते हैं ऐसी ही एक बहादुर राजपूत फौजी प्रेरणा सिंह खीची ( Major Prerna Singh Khichi ) से। खास बात यह है कि दादा और नाना को वर्दी में देख बचपन से भारतीय सेना ज्वाइन करने का ख्वाब पालने वाली प्रेरणा मेजर की रैंक तक पहुंच गई हैं। मतलब, दादा और नाना से भी बड़ी अफसर बन गई। भारतीय सेना में मेजर बनने वाली प्रेरणा गांव गांव धमोरा की पहली बहू हैं।

बचपन में तय कर लिया-बनना है फौजी
hindi.oneindia.com से खास बातचीत में प्रेरणा सिंह खीची हैं कि दादा सेना में रिशालदार और नाना बीएसएफ में डिप्टी कमांडेंट थे। इनको वर्दी में देखते और इनके फौज की बहादुरी के किस्से सुनते पली-बढ़ी। इसी वजह से बचपन में ही तय कर लिया था कि मुझे भी फौज में ही जाना है। इसके अलावा मैंने किसी क्षेत्र में जाने के बारे में सोचा तक नहीं। नतीजा, यह रहा कि वर्ष 2011 में पहले ही प्रयास में आर्मी ज्वाइन कर ली और 17 सितम्बर 2017 को इंडियन आर्मी में मेजर के पद पदोन्नत मिली। मेजर प्रेरणा सिंह खीची वर्तमान में पुणे में पोस्टेड हैं। वहां सेना की इंजीनियरिंग कोर की जिम्मेदारी संभाल रही हैं।

मेजर प्रेरणा सिंह खीची का परिवार
राजस्थान के जोधपुर में बैंक कर्मचारी नाथूसिंह खीची व संतोष कंवर के घर जन्मी प्रेरणा सिंह की छह साल पहले झुंझुनूं जिले के गांव धमोरा निवासी मान्धाता सिंह के साथ शादी हुई। इनके पांच साल की बेटी है, जो दादा सम्पत सिंह व दादी मंजू कंवर के साथ रहती है। पति मान्धाता सिंह हाईकोर्ट में एडवोकेट हैं। दादा और नाना के अलावा प्रेरणा के ननदोई दिलीप सिंह राठौड़ भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट कर्नल हैं। देवर यशवर्धन सेना में अंडर ट्रेनी है। वर्तमान में प्ररेणा का परिवार जयपुर में रहता है।

प्रेरणा हमारे लिए बेटी भी और बहू भी-ससुर
ससुर सम्पत सिंह धमारो बताते हैं कि प्रेरणा हमारे परिवार के लिए बेटी व बहू दोनों के समान है। 2017 में प्रेरणा को मेजर के पद पर पदोन्नति मिली तो उसने सबसे पहले अपने दादा ससुर रिटायर्ड आरएएस भंवर सिंह को फोन करके बताया था और उनका आशीर्वाद लिया। खुद प्रेरणा भी मानती हैं कि ससुराल पक्ष ने उन्हें काफी सपोर्ट किया है। बेटी प्रतिष्ठा जब बहुत छोटी थी तो प्रेरणा के साथ बेटी की देखभाल के लिए सास मंजू रहती थी।

पसंद हैं पारम्परिक परिधान
राजपूतों के पारम्परिक परिधानों में सजी-धजी प्रेरणा खींची को देखकर कोई कह भी सकता है कि ये भारतीय सेना में मेजर हैं। जब ससुराल धमोरा आती हैं तो प्रेरणा पारम्परिक परिधानों में ही नजर आती हैं। प्रेरणा मानती हैं कि राजपूत समाज के लिए बेटों की तरह काफी बेटियां भी आर्मी ज्वाइन कर रही हैं, जो अन्य समाज की बेटियों के लिए प्रेरणादायक हैं।












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