देसी बोफोर्स धनुष गन का पोकरण में फाइनल ट्रायल सफल, एक तोप से दागे गए 5 हजार गोले
जोधपुर, 12 मार्च। देसी बोफोर्स के नाम से मशहूर धनुष का राजस्थान के पोकरण में अंतिम ट्रायल किया गया, जो सफल रहा। साल 2017 में ट्रायल सफल रहने के बाद सेना ने 118 गन का ऑर्डर दिया था। उस वक्त बैरल फटने सहित अन्य तकनीकी अड़चनों के कारण ऑर्डर अटक गया था। अब सारी दूर कर ट्रायल किया गया, जो सफल रहा है। अब 450 गन का ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। कमियां दूर करने के लिए एक तोप से 5 हजार से गोले दागे गए।

स्वदेशी तोप धनुष की खासियत
-155 एमएम कैलीबर की 13 टन वजनी गन
-38 किलोमीटर मारक क्षमता
-8 जवान इन गन का ऑपरेट करते हैं
-15 करोड़ की इस गन को टुकड़ों में बांटकर पहाड़ी क्षेत्र में भी ले जा सकते हैं।
बोफोर्स से कितनी अलग है धनुष?
स्वदेशी धनुष की मारक क्षमता बोफोर्स तोपों के मुकाबले कहीं ज्यादा है। जहां बोफोर्स तोपें 29 किलोमीटर तक मार कर सकती हैं वहीं धनुष की रेंज 38 किलोमीटर है। वहीं, धनुष पूरी तरह ऑटोमैटिक है जबकि बोफोर्स को मैनुअली ऑपरेट किया जाता था। धनुष इस मामले में भी अलग है कि इससे लगातार फायर करने के बावजूद भी इसका बैरल गरम नहीं होता और यह बोफोर्स के मुकाबले कहीं ज्यादा तेजी से गोले बरसा सकती है। धनुष की एक और खासियत यह है कि इस तोप को किसी भी मौसम में इस्तेमाल किया जा सकता है।
एक तोप की कीमत 14.5 करोड़ रुपए
धनुष तोप का वजन लगभग 13 टन होता है। प्रत्येक तोप की कीमत लगभग 14 करोड़ 50 लाख रुपये है और इसका एक गोला एक लाख रुपये का है। धनुष के निर्माण में 90 प्रतिशत देसी कल-पुर्जों का इस्तेमाल हुआ है। आपको बता दें कि घोटाले के कारण चर्चित रही बोफोर्स ने करगिल की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। देश की सेना को काफी दिनों से एक अत्याधुनिक तोप की कमी खल रही थी और उम्मीद है कि धनुष इस कमी को पूरा कर देगी।












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