पाकिस्तानी नागरिकता वाली बच्ची को मां के साथ भारत में रहने की मिली अनुमति, पहलगाम हमले के बाद अनूठा केस
Indian Mother Pakistani Daughter: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल 2025 को हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच उपजे तनाव के बीच एक परिवार पर संकट आ गया था। श्रीगंगानगर जिले के जैतसर कस्बे की रहने वाली भौर रश्मि को अपनी डेढ़ साल की बेटी आदर्शिनी को पाकिस्तान वापस भेजना पड़ सकता था, क्योंकि वह जन्म से पाकिस्तानी नागरिक है। लेकिन मामला जब अधिकारियों के संज्ञान में आया, तो मानवीय दृष्टिकोण से एक अहम फैसला लिया गया और बच्ची को भारत में अपनी मां के साथ रहने की अनुमति दे दी गई।
भौर रश्मि की शादी तीन साल पहले पाकिस्तान के उमरकोट (कराची) निवासी डॉ. धनपत सोडा से हुई थी। शादी के बाद वह पाकिस्तान में रहने लगीं और वहीं उनकी बेटी का जन्म हुआ। 3 अप्रैल को रश्मि अपनी बेटी के साथ भारत आई थीं। उस समय दोनों देशों के संबंध सामान्य थे, लेकिन 22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाया और सभी शॉर्ट टर्म वीजा पर आए पाक नागरिकों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का आदेश दिया।

बच्ची को भेजा जा रहा था पाकिस्तान
इस आदेश के चलते देशभर में पाक नागरिकों की पहचान कर उन्हें वापस भेजा जा रहा था। इस सूची में डेढ़ साल की आदर्शिनी का नाम भी शामिल था, जिसे उसकी मां से अलग कर पाकिस्तान लौटाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। जैतसर थाना प्रभारी इमरान खान ने बताया कि "मामले की गंभीरता को देखते हुए हमने इसे तुरंत उच्चाधिकारियों के पास पहुंचाया।"
एसपी ने बताया मानवीय दृष्टिकोण से लिया गया फैसला
दैनिक भास्कर की एक रिपोर्ट के अनसार श्रीगंगानगर एसपी गौरव यादव ने बताया, "जब मामला हमारे पास पहुंचा, तो हमने मानवीय आधार पर इसे देखा। चूंकि बच्ची की मां भारतीय नागरिक है और बच्ची की देखरेख के लिए उसका भारत में रहना ज़रूरी है, इसलिए उसे भारत में ही रहने की अनुमति दी गई है।"
यह फैसला उस समय आया जब पूरे देश में पाकिस्तान से आए नागरिकों को तत्काल वापसी के आदेश दिए जा रहे थे। ऐसे में इस परिवार को मिली राहत यह साबित करती है कि सख्त सरकारी फैसलों के बीच भी इंसानियत के लिए जगह बनी हुई है।
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