Weather News: राजस्थान में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: किन जिलों क्या हैं हालात एक नज़र में
Rajasthan Weather Update News: राजस्थान में हाल ही में हुई भारी बारिश ने प्रदेश के कई हिस्सों में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट्स के आधार पर यहाँ विभिन्न क्षेत्रों की स्थिति का विवरण प्रस्तुत है।
प्रदेश में सूर्य नगरी से लेकर नवाबी नगरी तक पिछले 12 घंटों से जारी मूसलाधार बारिश ने जमकर कोहराम मचा दिया है। जोधपुर, चूरू और अजमेर सहित कई जिलों में बारिश से हादसों में मौतों का सिलसिला भी लगातार जारी है।
टोंक
टोंक जिले के उनियारा उपखंड क्षेत्र में तेज मूसलाधार बारिश हुई है। नगर फोर्ट बांध की तीन फीट की चादर चल रही है, जिससे वहां के निवासियों में चिंता का माहौल है।

तेज बारिश के कारण चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है और कई मार्ग अवरुद्ध हो गए हैं। उनियारा थाने में पानी घुसने से थाने की स्थिति मिनी तालाब जैसी हो गई है। पलाई नगर फोर्ट स्टेट हाईवे भी तेज पानी के चलते बंद हो गया है। गलवां नदी पूरी उफान पर है और इसके कारण कई स्कूलों सहित अन्य बस्तियों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है।
दूनी तहसील क्षेत्र में भी देर रात से तेज हवा के साथ भारी बारिश का दौर जारी है। भारी बारिश के चलते दूनी से सारोली रोड़ पर पानी भर गया है, जिससे दूनी थाना जल मग्न हो गया है और पुलिस थाना प्रभारी के क्वार्टर में भी पानी भर गया है।
पीपलू इलाका एक बार फिर से टापू बन गया है। टोंक जिले के 200 से ज्यादा गांवों और चार शहरों का जिला मुख्यालय से सम्पर्क टूट गया है। सरकारी स्कूल भी टापू में तब्दील हो गई है। कलेक्टर डॉक्टर सौम्या झा ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ टीमों के साथ जिले के सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को अलर्ट किया है।
जोधपुर:
जोधपुर के बोरानाडा क्षेत्र में दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हो गई है। मृतकों में नंदू, सुनीता, और मंजू शामिल हैं, जबकि सात अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों में पांचूराम, संजय, मांगी, पवन, शांति, दिनेश, और हरिराम शामिल हैं। डीसीपी राजेश यादव ने तीन मृतकों की पुष्टि की है। दो ने एम्स में तो एक ने एमडीएम अस्पताल में दम तोड़ा है। शेष सात घायलों का इलाज एम्स अस्पताल में चल रहा है। बोरानाडा पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जोधपुर के ओसियां क्षेत्र में देर रात हुई मूसलाधार बारिश के कारण कई रहवासी ढाणियां ढह गई हैं। गाँव में पुराने बांध के फूटने से दर्जनों भीलों की ढाणियां जलमग्न हो गई हैं। रहवासी ढाणियों के ढहने से एक परिवार के घायल होने की सूचना भी मिली है। भील परिवार के लोग बांध फूटने के बाद घरों में पानी जाने के कारण बड़े नुकसान का सामना कर रहे हैं। कई परिवार बच्चों सहित खुले आसमान के नीचे रात बिता रहे हैं। भील परिवार के लोगों ने जिला कलेक्टर से मदद की गुहार लगाई है और उपखंड प्रशासन पर पानी निकासी नहीं करवाने का आरोप लगाया है।
कोटा:
हाड़ौती के गढ़ कोटा, बूंदी,बारां और झालावाड़ में मूसलाधार बारिश के कहर से जनजीवन पूरी तरह से चौपट हो गया है। कोटा बैराज के 3 गेट खोले गए हैं और 18 हजार क्यूसेक पानी की निकासी जारी है। पिछले 24 घंटों में लगातार बारिश के कारण जवाहर सागर और कोटा बैराज में 60 मिमी पानी गिरा है। जवाहर सागर में इनफ्लो 21 हजार के आसपास आने से कोटा बैराज में वाटर लेवल बढ़ गया है।
ईटावा,कोटा
खातोली पार्वती नदी का पानी खतरे के निशान के पास पहुंच गया है और नदी में तेजी से पानी की आवक हो रही है। खातोली कस्बे में निचली बस्तियों को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है। इटावा क्षेत्र में पूरी रात मूसलाधार बारिश का दौर चला है। चम्बल, पार्वती, और कालीसिंध के साथ स्थानीय नदी नालों में भी तेजी से पानी की आवक हो रही है।
सेतरावा,जोधपुर
सेतरावा क्षेत्र में देर रात जमकर बारिश हुई है। चौरडिया के खेतसिंहनगर, सेतरावा के कुरीया और बस स्टैंड के पीछे कॉलोनी, विरमदेवगढ़, देडा के कई घरों में पानी भर गया है। कई खेत भी जलमग्न हो गए हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है और खेतों में फसलों, तारबंदी, और घरों को नुकसान हुआ है।
बूंदी:
बूंदी में लगातार 12 घंटे की बारिश के बाद शहर में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सड़कों और मकानों पर पानी ने कब्जा जमा लिया है। लोगों के घरों में पानी भर जाने से सामान गीला हो गया है और लोग छतों पर शरण लेने को मजबूर हो गए हैं।
नवल सागर और जेत सागर तालाब में पानी की आवक के चलते गेट खोलकर पानी की निकासी की गई, जिससे सड़कों और मकानों में पानी भर गया है। जवाहर नगर और महावीर कॉलोनी में सड़कों पर दो से चार फीट पानी भर गया है। एक गाय (नंदी) पानी के तेज बहाव में बह गई और शहर में देर रात आई तेज बहाव से सड़क पर खड़ी गाड़ियां और बाइकें तिनके की तरह बह गईं।












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