राजस्थान : पिता की मौत के बाद पाकिस्तान की जेल से आई गेमराराम मेघवाल की चिट्ठी, पूछा-पापा कैसे हैं?
बाड़मेर, 2 फरवरी। राजस्थान में भारत-पाकिस्तान की बोर्डर पर स्थित बाड़मेर के एक परिवार में पाकिस्तान की जेल से चिट्ठी आई है। यह चिट्ठी बेटे ने लिखी है। उसने परिजनों समेत पिता के हाल जाने हैं, मगर दुख इस बात का है कि पिता की दो माह पहले ही मौत हो चुकी है। बेटा इस बात से अनजान है।

प्रेमिका के घर पकड़ा गया गेमराराम मेघवाल
मामला राजस्थान बाड़मेर जिले के सेड़वा पुलिस थाना इलाके के गांव सज्जन का पार का है। यहां पर युवक गेमराराम मेघवाल अपनी प्रेमिका के घर में घुसते समय पकड़ा गया था। लोगों के हाथ पकड़े जाने और बदनामी के डर से वह भागकर भारत-पाकिस्तान सीमा लांघ गया था।

भारत पाक सीमा के पास है घर
गेमराराम मेघवाल बीती 4 नवंबर 2020 को सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया था। उसका गांव भारत-पाक सीमा से महज 2 किलोमीटर पहले स्थित है। बताया गया कि गेमराराम को प्रेमिका के घर जाते पकड़ा गया था। जिसके बाद वह बदमानी के डर से सीमा पार कर पाकिस्तान चला गया।

कराची के मीठादार थाने में मामला दर्ज
गेमराराम के परिवार द्वारा गुमशुदगी की शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस और बीएसएफ ने उसकी तलाश शुरू की। तब उसके पाकिस्तान की जेल में होने का पता चला था। पाकिस्तान सीमा में उसे रेंजर्स ने पकड़ लिया था। उसके खिलाफ 24 अप्रैल 2021 को पाकिस्तान के कराची के मीठादार थाने में मामला दर्ज कराया गया था।

छह माह की सजा सुनाई
इस बीच 21 अगस्त 2021 को पाकिस्तान में कराची दक्षिण के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अदालत ने गेमराराम मेघवाल को छह महीने की सजा सुनाई। अदालत ने निर्देश दिया कि सजा पूरी होने के बाद ही उसे भारत भेजा जाएगा। गेमराराम पर दस हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना राशि ना भरने की स्थिति में उसे 15 दिन की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। अब वह पाकिस्तान के कराची में मालीर की जिला जेल में अपनी सजा पूरी कर रहा है।

भारतीय मछुआरों के साथ भेजा खत
गेमराराम के परिवार को हाल ही में उसका एक पत्र मिला है, जिसमें गेमराराम ने अपने परिवार के साथ पाकिस्तान में अपनी स्थिति साझा की है। उसने अपने परिवार को सूचित किया है कि वो पाकिस्तान की जेल में है, जहां बहुत सारे भारतीय मछुआरे भी हैं। बताया गया है कि यह चिट्ठी भी पाकिस्तानी जेल से रिहा हुए मछुआरों के साथ आई है।
कल विदेश मंत्री श्री @DrSJaishankar जी को संबोधित करते हुए विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को बाड़मेर जिले के दलित युवक गेमराराम मेघवाल की पाकिस्तान से जल्द से जल्द वतन वापसी की मांग को लेकर पुनः पत्र दिया व उक्त सम्बन्ध में चर्चा की@IndiainPakistan
— HANUMAN BENIWAL (@hanumanbeniwal) August 6, 2021
1/1 pic.twitter.com/GeyLzb2GpU
अपने कदम के लिए जताया खेत
पत्र में गेमराराम ने अपने कदम के लिए खेद जताते हुए परिवार से माफी मांगी है। गेमराराम ने लिखा है कि पहले भी वह कई बार मछुआरों के साथ पत्र भेज चुका है, लेकिन उसे नहीं पता कि वे पत्र उन्हें मिले या नहीं। गेमराराम ने परिवार को चिट्ठी का जवाब भेजने की बात लिखी है।
अन्तर्राष्ट्रीय सीमा पर स्थित बाड़मेर जिले के गेमराराम मेघवाल के भूल वश तारबंदी पारकर पाकिस्तान जाने की बात विभिन्न माध्यमों से पता चली हैं।
— Hemaram Choudhary (@Hemaram_INC) January 25, 2021
ऐसे संवेदनशील मामले में @MEAIndia, भारत सरकार से आग्रह करता हूँ कि इसको अति गंभीरता से लेकर गेमराराम को वापस लाया जाए।@DrSJaishankar
पिता के स्वास्थ्य की चिंता जताई
चिट्ठी में गेमराराम ने परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ ही अपने पिता के स्वास्थ्य की चिंता जताई है। लेकिन गेमराराम को पता नहीं कि उसके पिता की दो माह पहले नवबंर में ही मौत हो गयी है। परिवारवालों ने बताया कि गेमराराम के पाकिस्तान जाने के बाद से उसके पिता जामराम की तबियत खराब रहती थी और नवंबर में उनकी मौत हो गयी।












Click it and Unblock the Notifications