गहलोत सरकार की 100 करोड़ की योजनाएं होगी बंद, खुद की योजनाएं लाएगी भजन लाल सरकार, जानिए क्या है अहम फैसले
Rajasthan News: राजस्थान में ग्रामीण विकास पहलों के बदलते स्वरूप को दर्शाते हुए भजन लाल सरकार ने मुख्यमंत्री क्षेत्र विकास योजना को 1 अप्रैल 2025 से बंद करने की घोषणा की है। 2022 में गहलोत सरकार द्वारा शुरू की गई यह महत्वाकांक्षी योजना ग्रामीण बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और स्वच्छता, शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों में सुधार लाने के लिए लाई गई थी।
ग्रामीण विकास का एक महत्वपूर्ण प्रयास
इस योजना का उद्देश्य पिछड़े और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करना था। इसके तहत हर जिले को सालाना 2.77 करोड़ रुपए तक की परियोजनाओं को शुरू करने की अनुमति थी। मुख्यालय वाले जिलों में यह सीमा बढ़ाकर 4 करोड़ रुपए तक थी। जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समिति सिफारिशें भेजती थी। मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति इन प्रस्तावों की समीक्षा कर बजट जारी करती थी।

योजना बंद करने का कारण और राजनीतिक रणनीति
CMAD को बंद करना राजस्थान सरकार द्वारा पुरानी योजनाओं को समाप्त कर नई योजनाओं की शुरुआत के चलन का हिस्सा माना जा रहा है। भजन लाल सरकार का यह निर्णय एक बड़ी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। जो बदलती सरकारों के तहत विकास कार्यक्रमों के संशोधन और प्रतिस्थापन की प्रवृत्ति को उजागर करता है।
गहलोत सरकार ने सीएमएडी से पहले भी चार योजनाओं को बंद किया था। जिनमें से तीन भाजपा शासनकाल की और एक कांग्रेस शासनकाल की योजना थी। जिसमें श्री योजना, मुख्यमंत्री आदर्श ग्राम पंचायत योजना, स्मार्ट ग्राम योजना और महात्मा गांधी आदर्श ग्राम योजना शामिल हैं।
भविष्य की योजनाओं की तैयारी
प्रदेश सरकार द्वारा CMAD के बंद होने के बाद एक नई ग्रामीण विकास योजना शुरू करने की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं। यह प्रवृत्ति प्रदेश सरकार के पिछले फैसलों के अनुरूप है। जैसे कि तीन योजनाओं को मिलाकर कालीबाई भील संबल योजना की शुरुआत।
राजनीतिक दृष्टिकोण, नई योजनाओं का उद्देश्य
ग्रामीण विकास पहलों का यह परिवर्तन केवल विकासात्मक लक्ष्यों तक सीमित नहीं है। बल्कि यह सरकारों की अपनी विकास नीति की छाप छोड़ने की रणनीति को भी दर्शाता है। नई योजनाओं को शुरू करना और पुरानी योजनाओं को समाप्त करना सरकार की प्राथमिकताओं को जनता के सामने स्पष्ट करता है। हालांकि योजनाएं बदलती रहती हैं। लेकिन मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों का समग्र विकास ही रहता है।
CMAD का बंद होना और इसके स्थान पर नई योजना लाने की तैयारी का हिस्सा है। राजस्थान में ग्रामीण विकास पहलों के लगातार बदलते स्वरूप को दर्शाती है। यह फैसला सरकारों की राजनीतिक प्राथमिकताओं और ग्रामीण क्षेत्रों पर प्रभाव छोड़ने की उनकी मंशा को रेखांकित करता है। आने वाले समय में नए कार्यक्रमों की घोषणा ग्रामीण विकास की दिशा में एक नई सोच को आकार देने के लिए मंच तैयार कर सकती है।












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