राजस्थान में पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने मंदिरों के लिए बिना बजट के शुरू की योजना, अब शुरू हुई समीक्षा
Rajasthan Assembaly News: राजस्थान विधानसभा का आज सदन में सत्र शुरू होते ही भजनलाल सरकार के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रदेश के मंदिरों में उपवन व नक्षत्र वाटिका शुरू करने के लिए नंदन कानून योजना शुरू की गई थी।
इस योजना के तहत प्रदेश के मंदिरों में स्वीकृतियां जारी की गई थी। जिसमें वन विभाग की ओर से वृक्षारोपण सहित कई कार्य करवाने जाने थे। साथ ही राजधानी जयपुर सहित प्रदेश के मंदिरों का भी विकास करवाया जाना था।
इसी के तहत 14 मंदिरों में लिए भूमि चिन्हित कर पौधा रोपण किया गया साथ ही जयपुर शहर के भी 5 प्रमुख मंदिरों में पौधारोपण सहित अन्य कार्य किया गया।

विधायक कालीचरण सर्राफ ने मंत्री जोराराम का जवाब सुना तो अपना सवाल उठाया और कहा कि सरकार के जवाब से तो ऐसा लगता है कि यह योजना पूर्ववर्ती सरकार ने बिना बजट प्रावधान के शुरू कर दी गई है। क्योंकि आपने जवाब में बताया है कि अब तक मात्र 5 मंदिरों में कार्य शुरू किया गया है।
जबकि योजना यह थी कि जयपुर के 37 मंदिरों के साथ प्रदेश के 593 मंदिरों में इस योजना को लागू करना था और वृंदावन की तर्ज पर विकसित करना था और आपने यह भी बताया कि अब तक केवल 14 मंदिरों की भूमि चिन्हित की गई इस हिसाब से तो बिना बजटीय प्रावधान के पूर्ववर्ती सरकार ने इसे लागू कर दिया।
मैं यह पूछना चाहता हूं कि क्या इस योजना को सरकार चालू रखेगी या फिर बंद करने का कोई विचार है या फिर इसकी समीक्षा करेंगे, आपने जो प्रगति बताई है उस हिसाब से तो इसकों लागू होने में सालों लग जाएंगे। कृपया यह बताएं कि इसमें बजटीय प्रावधान है कि नहीं है।
विधायक कालीचरण सर्राफ के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि हम इस पूरी योजना की समीक्षा कर रहे है। यह सही है कि पिछली सरकार ने बिना बजट के इस योजना को शुरू किया। इसके अच्छे परिणाम आ सकते थे। हम इसकी समीक्षा कर रहे है।












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