पूर्व CM वसुंधरा का सियासी दर्द छलका, बोलीं-'राजनीति में पद, मद व कद महत्वपूर्ण, हर वक्त एक जैसा नहीं रहता'
Former CM Vasundhara Raje: राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने कहा कि राजनीति में वक्त हमेशा एक जैसा नहीं रहता। सबको उतार-चढ़ाव देखने पड़ते हैं। राजनीति की राह आसान नहीं है। इसमें कई बार झटका भी लगता है। इसके बाद भी हमें पार्टी में ही रहकर उसके लिए काम करना है।
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे सिंधिया का सियासी दर्द जयपुर में उस वक्त छलका जब वे राजस्थान के भाजपा के नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के पदभार ग्रहण समारोह कार्यक्रम में पहुंची थीं। राजे ने सियासत और पार्टी के बारे में कई बातों को जिक्र कहा।

वसुंधरा राजे ने पार्टी नेताओं व कार्यकर्ताओं को राजनीति की सीख देते हुए कहा कि राजनीति में पद, मद और कद ही महत्वपूर्ण है। अगर कोई नेता कार्यकर्ताओं के बीच रहे तो उसका कद बना रहता है। नवनियुक्त प्रदेशाध्यक्ष राठौड़ की राह आसान नहीं है। पार्टी कार्यकर्ता को संभालना आसान नहीं है। हमारा नारा है, 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास' इसे पूरा करने में कई लोग पूर्व में विफल हुए हैं।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने जीत दर्ज की थी। हर किसी को लग रहा था कि राजनीतिक कद के हिसाब से वसुंधरा राजे सिंधिया को ही एक बार से सीएम बनाया जा सकता है, मगर वक्त ऐसा बदला कि वसुंधरा राजे की जगह सांगानेर विधायक भजनलाल शर्मा को सीएम बनाया गया।
भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ कौन हैं?
मदन राठौड़ का जन्म 1950 में पाली जिले के रायपुर में हुआ।
राजस्थान यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन (बीएससी गणित) किया है।
1962 ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के स्वयं सेवक बने।
1970 के दशक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक के रूप में भी कार्य किया है।
मदन राठौड़ टेक्सटाइल व्यापारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।
4 बार भाजपा के पाली जिला अध्यक्ष रहे हैं।
वर्ष 2003 और 2013 में पाली की सुमेरपुर विधायक रहे।
2008, 2018 और 2023 में टिकट नहीं मिला।
टिकट नहीं मिलने पार्टी ने उन्हें बाद में राज्यसभा भेज दिया।












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