lok sabha chunav 2024: भारत आदिवासी पार्टी से चुनाव जीते राजकुमार रोत का एक्सक्लूसिव इंटरव्यू, सुनिए आप भी
Rajasthan Lok Sabha Election Interview: राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर दो अलग अलग चरणों में मतदान हुआ। उससे पहले चुनावी प्रचार में जो घमाशान हुआ उसकी तस्वीरें इससे पहले किसी चुनाव में देखने को नहीं मिली।
राजस्थान के आदिवासी बाहुल्य इलाके के दिग्गज कांग्रेसी नेता माने जाने वाले महेंद्रजीत सिंह मालवीय हाथ का साथ छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए और दावा किया गया था कि इस सीट पर मालवीय का कोई तोड़ नहीं है।

लेकिन चंद दिनों पहले बनी भारत आदिवासी पार्टी यानी B.A.P. सियासी बाप साबित हुई। जिसनें ना केवल भाजपा के प्रत्याशी महेंद्रजीत सिंह मालवीय को करारी शिकस्त दी बल्कि कई अन्य निर्दलीयों को भी मात देकर इतिहास रच दिया।
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राजस्थान के पूरे लोकसभा चुनावों में इसी सीट का जिक्र सबसे ज्यादा होता रहा क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर कई कैबिनेट के दिग्गज मंत्री, भाजपा के धुरंधर नेताओं ने यहां पड़ाव डालकर मालवीय के समर्थन में जनसभाएं, रोड़ शो तक किए ।
4 जून को जब नतीजे आए तो भारत आदिवासी पार्टी के सुप्रीमों राजकुमार रोत ने भाजपा को ऐसा रौंदा की कोई जवाब देते नहीं बना। महेंद्रजीत सिंह मालवीया को 2.47 लाख वोटों से हराने के बाद राजकुमार रोत ने वन इंडिया डॉट कॉम से आज खास बातचीत की।
राजकुमार रोत ने कहा कि बांसवाड़ा संसदीय क्षेत्र की जनता, भारत आदिवासी पार्टी के कार्यकर्ता और इंडिया अलायंस के पदाधिकारियों का धन्यवाद देता हूं जिन्होंने जीत दर्ज करने में अहम भूमिका निभाई। यह ऐतिहासिक चुनाव था।
मुझे हराने के लिए तो दो फर्जी राजकुमार विपक्ष ने तैयार किये अगर उनका मार्जन भी जोड़ लिया जाए तो करीब 3.5 लाख वोटों की जीत का मार्जिन हमारे साथ था।
राजकुमार रोत ने आगे कहा कि यह चुनाव इस क्षेत्र के भविष्य और आने वाली पीढ़ी का भविष्य तय करने वाला चुनाव था। जनता ने ठान लिया था। एक शब्द में कहूं तो इस बार हम चुनाव नहीं, रगड़ा निकाल रहे थे। उन्होंने कहा कि इस बार यहां की जनता और हमने तरीके से रगड़ा निकाल दिया।
विधानसभा उपचुनाव में भारत आदिवासी पार्टी के जीत दर्ज करने पर राजकुमार रोत ने कहा कि यहां धनबल और बाहूबल सहित सारे फैक्टर फेल हो गए। चुनाव में अहसास कराया कि जनता बाहूबली है, नेता नहीं।
उन्होंने कहा कि राजस्थान की भाजपा सरकार फेल हो गई है. उनकी (बीजेपी) राजस्थान में सरकार होते हुए भी हार का सामना करना पड़ा।
आदिवासी समाज के विकास और मूलभूत समस्याओं को लेकर राजकुमार रोत ने अपनी प्राथमिकता भी गिनाई । कहा कि हम इलाके की जनता के विकास, मूलभूत सुविधाओं और शिक्षा की व्यवस्था पर पूरा काम करेंगे।
वहीं एनडीए की ओर से सरकार के गठन में प्रस्ताव मिलने पर समर्थन देने के सवाल पर राजकुमार ने साफ कहा कि हम किसी लालच या लालसा के लिए राजनीति में नहीं आए है। ना ही चुनाव लड़ा है। हम हमारे एजेंडे को लेकर राजनीति में आए है और पार्टी का गठन किया है।
इंडिया अलाइंस के साथ ही काम करेंगे और क्षेत्र के विकास के लिए जो भी उचित होगा उसका फैसला में अकेला नहीं करूंगा। हमारी पार्टी के पदाधिकारी और हम सब लोग मिलकर फैसला करेंगे मुद्दों के आधार पर आगे काम करेंगे।
एनडीए की ओरे से मंत्री पद के ऑफर मिलने के सवाल पर दो टूक बोलते हुए राजकुमार ने कहा कि हम किसी ऑफर के आधार पर हम किसी को कोई समर्थन नहीं देंगे। हम अपने एजेंडे के आधार पर समर्थन देंगे। ऑफर हमारा सेकंड ऑप्शन रहेगा।
राजकुमार रोत ने साफ कहा कि लम्बे समय से जो भील प्रदेश की मांग हो रही है। हमारी प्राथमिक पहले उसके लिए काम करने की है। यहां से जो गुजरात पलायन हो रहा है उसकों रोकने के लिए काम करेंगे।
राजस्थान में आगामी दिनों में होने वाले नगर निकाय के चुनावों में मैदान में उतरने के सवाल पर राजकुमार ने कहा हमारे पदाधिकारी जो भी फैसला लेंगे हम निकाय चुनाव लड़ेंगे।












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