Eid-ul-Adha 2022: बकरीद के पर्व पर सीएम गहलोत ने मांगी अमन-चैन की दुआ
जयपुर, 10 जुलाई। पूरा देश आज बकरीद का त्योहार मना रहा है। सीएम अशोक गहलोत ने भी प्रदेशवासियों को बकरीद की बधाई दी है। उन्होंने ट्वीट करके कहा है कि 'ईद-उल-अजहा के मौके पर मुबारकबाद। ईद-उल-अजहा का त्यौहार हमें भाईचारे के साथ रहने, एक-दूसरे के जज्बात की कद्र करने, आपस में हमदर्दी रखने और सच्चाई की राह पर चलते हुए अपने देश के लिए हर कुर्बानी देने की सीख देता है।'

तो वहीं कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने ट्ववीट किया है कि 'आप सभी को ईद-उल-जुहा की मुबारकबाद।इस मुबारक मौके पर मैं देश एवं प्रदेश के अमन-चैन, खुशहाली एवं तरक्की की दुआ करता हूं।'
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'सभी के जीवन में शांति, समृद्धि और खुशियां आएं'
तो वहीं कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी लोगों को 'ईद-उल-अजहा' की मुबारकबाद दी है। उन्होंने भी ट्वीट किया है कि 'ईद मुबारक! #EidAlAdha का पावन अवसर सभी के लिए एकता की भावना का सूत्रपात करे और सभी के लिए शांति, समृद्धि और खुशियां लाए।'
प्रियंका गांधी ने भी किया Tweet
तो वहीं पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी ने भी लोगों को 'ईद-उल-अजहा' की मुबारकबाद दी है। उन्होंने भी ट्वीट किया है कि 'आप सभी को ईद-उल-अज़हा की दिली मुबारकबाद। त्याग व नेकी का प्रतीक ये त्यौहार आपके जीवन को खुशियों से भर दे।'
बकरीद को अरबी में 'ईद-उल-जुहा' कहते हैं
आपको बता दें कि बकरीद पर्व का खासा महत्व है, यह त्योहार एक खास संदेश लोगों को देता है। बकरीद को अरबी में 'ईद-उल-जुहा' कहते हैं। अरबी में 'बकर' का अर्थ है बड़ा जानवर जो जिबह किया (काटा) जाता है, ईद-ए-कुर्बां का मतलब है 'बलिदान की भावना' और 'कर्ब' नजदीकी या बहुत पास रहने को कहते हैं मतलब इस मौके पर इंसान भगवान के बहुत करीब हो जाता है।
ये है प्रथा
बकरीद के दिन सबसे पहले नमाज अदा की जाती है। इसके बाद बकरे या फिर अन्य जानवर की कुर्बानी दी जाती है। कुर्बानी के बकरे के गोश्त को तीन हिस्सों करने की बात शरीयत में लिखी है। गोश्त का एक हिस्सा गरीबों में तकसीम किया जाता है, दूसरा दोस्त अहबाब के लिए और वहीं तीसरा हिस्सा घर के लिए इस्तेमाल किया जाता है।












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