लॉकडाउन में घर पर मन नहीं लगा तो राजस्थान के 72 वर्षीय शख्स ने खोद डाला 20 बीघा खेत
जयपुर। कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर काबू पाने के लिए देशभर में 17 मई तक लॉकडाउन 3 लागू है। 25 मार्च से लॉकडाउन शुरू हुआ था। उसके बाद से लोग घरों में हैं। लॉकडाउन में लोग वक्त काटने के लिए तरह तरह के तरीके अपना रहे हैं। कोई अपनी किसी खास कला को निखार रहा है तो कोई अपनों के साथ वक्त बीता रहा है।

बिना पैसे खर्च किए खेत हुआ उपजाऊ
लॉकडाउन के समय के सदुपयोग के मामले में राजस्थान के एक शख्स ने अनूठा कदम उठाया है। इसने अपना बीस बीघा खेत खोद डाला। इसके दो फायदे हुए हैं। एक तो शारीरिक कसरत हो गई और दूसरा ये कि खरीफ फसलों की बुवाई के मौके पर खेत बिना पैसे खर्च किए उपजाऊ हो गया।

मौजास के रहने वाले भंवर सिंह शेखावत
लॉकडाउन में यह अनूठा काम राजस्थान के झुंझुनूं के गांव मौजास निवासी भंवर सिंह शेखावत ने कर दिखाया है। राजस्थान पुलिस से रिटायर 72 वर्षीय शेखावत बताते हैं कि 24 मार्च की आधी रात से देशभर में लागू हुआ उसके बाद से रोजाना सुबह शाम खेत में जाने लगा ताकि मन लगता रहे।

एक-एक फीट की गहराई के गड्ढे खोदे
खेत पर लॉकडाउन के समय का सही उपयोग करने का आइडिया आया। फावड़े से अपना खाली पड़ा 20 बीघा खेत खोदना शुरू कर दिया। इससे सुबह-शाम शारीरिक व्यायाम के साथ-साथ खेत उपजाऊ हो गया। खेत में करीब डेढ़ फीट बाई डेढ़ फीट के अंतराल पर एक-एक फीट गहराई का गड्ढे खोदे हैं। पूरे खेत को खोदने में करीब एक माह लगा। अब बारिश के आने के बाद खरीफ की फसलों की बुवाई करेंगे।

खरीफ की हो सकती है अच्छी पैदावार
इधर, झुंझुनूं के आबूसर स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. दयानंद मीडिया से बातचीत में कहते हैं कि गर्मी में खेत खोदने से मिट्टी का वायु संचार अच्छा होता है। जमीन उपजाऊ होती है। इससे खरीफ की फसल में पैदावार अच्छी होती है। मिट्टी के अंदर छिपे हुए हानिकारक कीट तेज धूप के कारण मर जाते हैं।












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