Rajasthan Result 2023: सीएम फेस दीया कुमारी की वजह से जब्त हो गई BJP के इस दिग्गज नेता की जमानत
Diya Kumari vs Narpat Singh Rajvi Rajasthan Election 2023: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 सम्पन्न हो गए। 199 में से 114 सीटें लेकर अबकी बार भाजपा सरकार बनी है। भाजपा की जीत पर सीएम की दौड़ में शामिल दीया कुमारी खुद तो रिकॉर्डतोड़ मतों से जीत गई हैं, मगर दीया कुमारी की वजह से भाजपा के एक दिग्गज नेता की जमानत जब्त हो गई।

राजस्थान में सबसे बड़ी जीत दीया कुमारी की
राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सबसे बड़ी जीत दीया कुमारी को मिली है। दीया कुमारी ने जयपुर शहर की विद्याधरनगर सीट पर 71368 मतों से जीत दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी दीया कुमारी ने विद्याधरनगर सीट पर कुल 158,516 वोट हासिल किए। कांग्रेस प्रत्याशी सीताराम अग्रवाल को 87,148 वोट ही मिले। दीया कुमारी ने 71,368 वोटों से जीत हासिल की है।
दीया कुमारी के लिए काटा था विधायक का टिकट
भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में सात सांसदों को भी टिकट दिया था। राजसमंद से भाजपा सांसद दीया कुमारी को पहली बार विद्याधरनगर सीट से प्रत्याशी बनाया गया था। खास बात यह है कि दीया कुमारी के लिए भाजपा ने विद्याधरनगर सीट पर अपने विधायक नरपत सिंह राजवी का टिकट काट दिया था। राजवी 2008, 2013 और 2018 में विद्याधरनगर से विधायक रहे।

चित्तौड़गढ़ में चंद्रभान बने बागी
दीया कुमारी की वजह से नरपत सिंह राजवी को भाजपा ने विद्याधरनगर की बजाय चित्तौड़गढ़ सीट से प्रत्याशी बनाया। चित्तौड़गढ़ में टिकट कटने से भाजपा नेता चंद्रभान आक्या बागी हो गए और भाजपा प्रत्याशी नरपत सिंह राजवी के सामने ताल ठोक दी। यहां पर नरपत सिंह राजवी पर चंद्रभान आक्या भारी पड़े हैं।

जब्त हुई नरपत सिंह राजवी की जमानत
भाजपा ने अपनी सबसे सुरक्षित सीट विद्याधरनगर से नरपत सिंह को चित्तौड़गढ़ भेजा तो सही, मगर यहां से नरपत सिंह रावजी जमानत ही नहीं बचा पाए। हालांकि इनकी जमानत जब्त होने में दीया कुमारी की सीधे तौर पर कोई भूमिका नहीं है। भाजपा के बागी निर्दलीय चंद्रभान आक्या ने 97523 (45.35 प्रतिशत), कांग्रेस के सुरेंद्र सिंह जड़ावत ने 90812 (42.21 प्रतिशत) और भाजपा के नरपत सिंह राजवी ने 19735 (9.17 प्रतिशत) वोट हासिल किए। 16.66 प्रतिशत से कम वोट मिलने पर जमानत जब्त हो जाती है।
जमानत जब्त होना क्या है?
दरअसल, चुनाव आयोग का नियम है कि विधानसभा चुनाव में नामांकन पत्र दाखिल करने पर जमानत के रूप में प्रत्याशी को 10 हजार रुपए जमा करवाने होते हैं। कुल मतदान का 16.66 वोट हासिल नहीं होने पर उस प्रत्याशी को वो रुपए वापस नहीं लौटाए जाते हैं। इसी बात को चुनाव में जमानत जब्त हो जाना कहा जाता है।












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