Who is Divya Maderna: क्यों मरना चाहती हैं राजस्थान की 'शेरनी' दिव्या मदेरणा? किसानों से पूछा-'मर जाऊं मैं'
Divya Maderna vs Hanuman Beniwal: खुद को 'शेरनी' बताने वाली राजस्थान कांग्रेस की फायरब्रांड युवा नेता और जोधपुर के ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या महिपाल मदेरणा मरना चाहती हैं। यह हम नहीं बल्कि वो खुद कह रही हैं। दिव्या मदेरणा ने राजस्थान के सभी किसानों से पूछा है कि 'क्या मुझे मर जाना चाहिए।'
दरअसल, दिव्या मदेरणा द्वारा मर जाने का सवाल पूछने की पूरी कहानी नागौर से आरएलपी सांसद हनुमान बेनीवाल से जुड़ी है। हनुमान बेनीवाल और दिव्या मदेरणा के बीच चल रही 'सियासी लड़ाई' किसी से छुपी हुई नहीं है। दोनों एक-दूसरे राजनीतिक और व्यक्तिगत छींटाकशी का कोई मौका नहीं छोड़ते।
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राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में हनुमान बेनीवाल और दिव्या मदेरणा ने एक-दूसरे पर 'इनकी शादी करवा दो। बाई नै सासरो भेज दयो' जैसे खूब व्यक्तिगत तंज कसे। अब यही सियासी लडाई खींवसर उपचुनाव 2024 में देखने को मिल रही है। बात शर्म से डूबकर मर जाना चाहिए से लेकर क्या मुझे मर जाना चाहिए तक पहुंच गई।
दिव्या मदेरणा कौन हैं? (Who is Divya Maderna)
- दिव्या मदेरणा जोधपुर के रहने वाले दिग्गज कांग्रेस नेता व साल 1999 से 2004 तक राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष रहे परसराम मदेरणा की पोती और पूर्व मंत्री व भंवरीदेवी हत्याकांड के आरोपी महिपाल मदेरणा की बेटी हैं। इनकी मां का नाम लीला मदेरणा है।
- दिव्या मदेरणा का जन्म 25 अक्टूबर 1984 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में हुआ। दिव्या का घर जयपुर में गुरु जम्भेश्वर नगर, गांधी पथ पर है। दिव्या मदेरणा अभी अविवाहित हैं।
- दादा व पिता की राजनीतिक विरासत को संभालते हुए दिव्या मदरेणा ने कांग्रेस ज्वाइन की और महज 26 साल की उम्र में जोधपुर के ओसियां से जिला परिषद का चुनाव जीता।
- इंग्लैंड के नॉटिंघम यूनिवर्सिटी से अर्थशास्त्र की पढ़ाई करने वालीं दिव्या मदेरणा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में जीत दर्ज करके 39 साल की उम्र्र में जोधपुर के ओसियां से कांग्रेस विधायक बनीं। साल 2023 के चुनाव में भाजपा के भैरा राम चौधरी के सामने ओसियां से हार गई थीं।
- दिव्या मदेरणा गांधी परिवार के नजदीकी हैं। राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था। सोनिया गांधी से मुलाकात भी चर्चा में रही थी। जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव 2024 में दिव्या मदेरणा ने बतौर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का सचिव चुनाव प्रचार किया था।

अब खींवसर उपचुनाव में दिव्या मदेरणा vs हनुमान बेनीवाल
अब राजस्थान में खींवसर समेत सात सीटों पर उपचुनाव हो रहे हैं। जोधपुर के लोहागढ़ में एक सभा को सम्बोधित करते दिव्या मदेरणा ने कहा कि 'मुझे ओसियां में चुनाव हरवाने वालों की खींवसर उपचुनाव हालत टाइट है। सुबह चार-चार बजे तक लोगों के पैर पकड़ रहे हैं। खींवसर के किसानों ने उनको वोट देने से इनकार कर दिया है। सब कह रहे हैं कि हमारी बेटी को गालियां दी हैं।'

दिव्या मदेरणा को हनुमान बेनीवाल का जवाब
दिव्या मदेरणा के तंज का हनुमान बेनीवाल ने जवाब दिया और खींवसर में एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि 'मैं अपने क्षेत्र खींवसर में कभी भी चुनाव प्रचार कर सकता हूं। वो कौन होती है पूछने वाली' बेनीवाल ने भंवरीदेवी सीडी कांड का जिक्र किए बिना कहा कि बच्चे आज भी सीडी देखते हैं। उनको शर्म आनी चाहिए। डूबकर मर जाना चाहिए'

दिव्या मदेरणा ने मरने वाली बात किसान वर्ग से जोड़ी
'शर्म आनी चाहिए। डूबकर मर जाना चाहिए' वाला हनुमान बेनीवाल का वीडियो शेयर करते हुए दिव्या मदेरणा ने जवाब दिया और पूरी बात को किसान वर्ग से जोड़ दिया। सोशल मीडिया पर लिखा कि अपने ही समाज के चुने हुए सांसद उसके मरने की कामना कर रहे हैं। वे किसान की बहन-बेटी हैं और किसान वर्ग से पूछना चाहती हैं कि क्या उन्हें मर जाना चाहिए?
खींवसर उपचुनाव 2024 में बेनीवाल की पत्नी कनिता आरएलपी प्रत्याशी
नागौर जिले की खींवसर सीट से राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के हनुमान बेनीवाल विधायक बने थे, जो लोकसभा चुनाव 2024 में नागौर से सांसद बन गए। इस वजह से खाली हुई खींवसर सीट पर तीनों जाट प्रत्याशी हैं। भाजपा से रेवंतराम डांगा, कांग्रेस से डॉ. रतन चौधरी और आरएलपी की कनिका बेनीवाल के बीच टक्कर है। पिछली बार भी खींवसर से हनुमान बेनीवाल विधायक बने थे। फिर सांसद बने तो भाई नारायण बेनीवाल को चुनाव लड़वाया। नारायण बेनीवाल विधायक बने। इस बार पत्नी पर दांव लगाया है।












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