Rajasthan News: धूम-धाम से निकली दलित भाई-बहन की बिंदौरी, छावनी बना पूरा गांव, 4 थानों की पुलिस रही तैनात
Rajasthan News: प्रदेश में इन दिनों शादियों का सीजन चल रहा है। शहर से लेकर गांवों तक शादियों की धूम मची हुई है। आज जहां अबूझ सावा आखातीज के मौके पर गांव-गांव विवाह सम्मेलनों का आयोजन हो रहा है। लेकिन आधुनिक होते भारत में आज भी दलित परिवार दहशत के साये में है।
राजस्थान में आज भी दलित परिवार अपने बच्चों की शादियां करने में कतरा रहे है। बाहुबलियों के डर से आज भी दलित परिवार दहशत के साये में जी रहे है।

प्रदेश के भीलवाड़ा जिले के जहाजपुर में दलित भाई-बहन की बिंदौरी निकाली गई लेकिन उससे पहले पूरे गांव को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया। इलाके के 4 पुलिस थानों के 100 से ज्यादा पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया।
राजस्थान के जहाजपुर के बरोदा गांव में 9 मई को धूमधाम से दलित भाई-बहन की बिंदौली निकली। इस दौरान 4 थानों के 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात रहे। साथ ही बिंदौली में जय भीम के नारे भी लगे।
जहाजपुर के शेरगढ़ थाने क्षेत्र के बरोदा गांव में एससी समाज की शादियों में दुल्हा-दुल्हन को घोड़ी पर बैठे कर बिंदौली निकालने की इजाजत नहीं थी। गांव में ऊंची जाति के लोगों द्वारा घोड़ी पर बैठने पर विरोध किया जाता था। इस विरोध के चलते गांव के दुर्गा लाल बलाई ने उपखंड अधिकारी सुरेंद्र बी पाटीदार के समक्ष पेश होकर सुरक्षा देने की गुहार लगाई थी।
उपखंड अधिकारी सुरेंद्र बी पाटीदार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिंदौली निकालवाने के लिए कार्यपालक मजिस्ट्रेट रवि कुमार मीणा को नियुक्त किया। सुरक्षा और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए डीवाई एसपी अजीत सिंह मेघवंशी सहित सर्किल के चारों थानों का जाब्ता मौके पर तैनात किया गया।
पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में बरोदा गांव में दुल्हा-दुल्हन की घोड़ी पर बिंदोली निकाली गई, जिसमें विचित्र चीज देखने को मिली।घोड़ी पर बैठे दूल्हा-दुल्हन भीमराव अंबेडकर की तस्वीर हाथ में लेकर निकले और नाच-गानों के साथ जय भीम के नारे भी लगे।
आपकों बता दे कि ग्राम बरोदा थाना शक्करगढ़ के दुर्गा लाल बलाई ने 2 मई को उपखंड अधिकारी सुरेंद्र बी पाटीदार के समक्ष पेश होकर गुहार लगाई थी कि 9 मई को मेरे पुत्र सोनू उर्फ सुनिल व पुत्री चीना का विवाह है। मैं अपने दोनों बच्चों की गांव में घोड़ी पर बैठा के बैंड-बाजे के साथ बिन्दौली निकालना चाहता हूं।
मुझे आशंका है कि गांव में गैर अनुसूचित जाति के जातिवादी मानसिकता के लोग विरोध कर बिन्दौली में बाधा उत्पन्न कर सकते है, क्योंकि पूर्व में भी इस तरह की घटना के कारण पीड़ित अपनी बहन के विवाह में बिन्दौली नहीं निकाल पाया था। पूर्व की घटना को देखते हुए आरोपीगण बिन्दौली के दौरान बाधा डाल सकते है। ऐसे में 9 मई को पुत्र व पुत्री की बिन्दौली को सुरक्षा प्रदान करने का आदेश दिलाए।
बिन्दौली निकालने के दौरान कार्यपालक मजिस्ट्रेट रवि कुमार मीणा, डीवाई एसपी अजीत सिंह मेघवंशी, पुलिस इंस्पेक्टर नरपत राम बाना, शक्करगढ़ थानाधिकारी हेमराज मीणा, पंडेर थानाधिकारी कमलेश मीणा, हनुमान नगर थानाधिकारी अय्यूब खान मौजूद रहे ।












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