Dadi Ratan Mohini Passed Away: ब्रह्माकुमारीज संस्थान की प्रमुख दादी रतन मोहिनी का 101 वर्ष की उम्र में निधन
Dadi Ratan Mohini: राजस्थान के सिरोही जिले में स्थित ब्रह्माकुमारीज संस्थान (आबूरोड) की मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी रतन मोहिनी अब हमारे बीच नहीं रहीं। उनका निधन 7 अप्रैल 2025 को रात 1:20 बजे, अहमदाबाद (गुजरात) के एक निजी अस्पताल में हुआ। वे 101 वर्ष की थीं।
ब्रह्माकुमारीज संस्थान की पीआरओ बीके कोमल ने जानकारी दी कि दादी के पार्थिव शरीर को मंगलवार को अहमदाबाद से आबूरोड (सिरोही) लाया गया, जहां ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया है। अंतिम संस्कार की तिथि जल्द घोषित की जाएगी।

13 वर्ष की उम्र में आध्यात्मिक जीवन की ओर अग्रसर
दादी रतन मोहिनी का जन्म 25 मार्च 1925 को हैदराबाद, सिंध (अब पाकिस्तान) में हुआ था। बचपन में उनका नाम लक्ष्मी था। मात्र 12 वर्ष की आयु में वे ब्रह्माकुमारी संस्थान के संपर्क में आईं और 13 वर्ष की उम्र में उन्होंने आध्यात्मिक सेवा का मार्ग अपना लिया। वे संस्थान की स्थापना और विस्तार की साक्षी रहीं।
70,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा, युवाओं को प्रेरणा दी
दादी रतन मोहिनी ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म और मूल्यों के प्रचार-प्रसार हेतु जीवन भर समर्पित सेवा की। उन्होंने 1985 में 13 प्रमुख पदयात्राएं कीं और 2006 तक 31,000 किलोमीटर की यात्रा पूरी की। अपने जीवनकाल में उन्होंने कुल 70,000 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा की। दादी दिन की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में 3:30 बजे करती थीं और देर रात तक ईश्वरीय सेवाओं में सक्रिय रहती थीं।
हजारों बहनों को प्रशिक्षण, युवा प्रभाग की अध्यक्ष रहीं
संस्थान में दादी रतन मोहिनी का विशेष योगदान बहनों के प्रशिक्षण और मार्गदर्शन में रहा। उन्होंने देशभर के 4,600 सेवा केंद्रों से जुड़ी 46,000 से अधिक बहनों को प्रशिक्षित किया। साथ ही, वे ब्रह्माकुमारीज युवा प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष भी रहीं। दादी विशेष रूप से युवाओं को नैतिक मूल्यों, सेवा भाव और श्रेष्ठ जीवन के लिए प्रेरित करती थीं। उनका जीवन सादगी, सेवा और संकल्प का प्रतीक था।

दादी रतन मोहिनी का जीवन परिचय (Biography of Dadi Ratan Mohini)
- जन्म: 25 मार्च 1925, हैदराबाद, सिंध (अब पाकिस्तान)
- पूर्व नाम: लक्ष्मी
- आध्यात्मिक जीवन की शुरुआत: 13 वर्ष की आयु में
- संस्थान से जुड़ाव: 1930 के दशक से
- प्रशिक्षण कार्य: 46,000 से अधिक बहनों को मार्गदर्शन प्रदान किया
- मुख्य पद: ब्रह्माकुमारीज की मुख्य प्रशासिका, युवा प्रभाग की राष्ट्रीय अध्यक्ष












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