Rajasthan : टायर जलाकर किया बुजुर्ग सगराम रैबारी का दाह संस्कार, जानिए क्या थी मजबूरी?
Rajasthan : टायर जलाकर किया बुजुर्ग सगराम रैबारी का दाह संस्कार, जानिए क्या थी मजबूरी?
राजसमंद, 24 अगस्त। राजस्थान में एक बुजुर्ग के अंतिम संस्कार का हर किसी को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। वजह ये है कि बुजुर्ग का दाह संस्कार वाहन के टायरों से किया गया है। मामला राजसमंद जिले के रूपाखेड़ा गांव का है।

मीडिया से बातचीत में पूर्व पंचायत समिति सदस्य कालूराम जाट ने बताया कि समस्या ये है कि गांव रूपाखेड़ा के श्मशान घाट में टिनशेड की सुविधा नहीं है। ऐसे में बरसात के दिनों किसी शव का अंतिम संस्कार करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
गांव रूपाखेड़ा के बुजुर्ग सगराम रैबारी की मौत हो गई। मंगलवार को परिजन व रिश्तेदार उनका अंतिम संस्कार करने श्मशान पहुंचे तब बारिश हो रही थी। की चिता को आग लगाई तो बारिश तेज हो गई। चिता की लकड़ी गीली हो गईं।लोगों ने पहले तो 10 किलो घी व शक्कर डालकर अंतिम संस्कार की कोशिश की, मगर गीली लकडि़यों ने आग नहीं पकड़ी। फिर 20 पुराने टायर लाए और उन्हें जलाकर करीब चार घंटे में अंतिम संस्कार हो सका।

गांव के पूर्व पंचायत समिति सदस्य कालूराम जाट ने कहा कि ग्रामीणों ने श्मशान भूमि में टिनशेड लगाने के लिए पंचायत प्रशासन को कई बार कहा। लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। मंगलवार को बारिश में अंतिम संस्कार करना पडा। इसमें 10 किलो घी, शक्कर व 20 पुराने टायर काम में लिए गए। इसके बावजूद 4 घंटे में दाह-संस्कार पूरा हुआ।
मीडिया से बातचीत में ग्राम विकास अधिाकरी सुशील कुमार ने कहा कि कोरम में प्रस्ताव लेकर उच्च अधिकारी को भेजेंगे और स्वीकृति आने पर जल्द काम शुरू करवाएंगे। उपखण्ड अधिकारी डॉ दिनेश राय सापेला का कहना है कि इस संबंध में जिला कलेक्टर को प्रस्ताव भेजकर मनरेगा तहत रूपाखेड़ा गांव की समस्या का समाधान करवाएंगे।












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