Rajasthan: बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा का विवादित बयान, वोट लेने में मर्दानगी-नपुसंकता का मतलब बताया
अपने बयानों के चलते अक्सर सुर्खियों में रहने वाले राजस्थान के बर्खासत मंत्री राजेंद्र गुढ़ा अब बोले कि अपनी जाति के वोट लेना नपुसंकता व दूसरी जाति के वोट लेना मर्दानगी है।
राजस्थान विधानसभा चुनाप 2023 से पहले बर्खास्त मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने एक बार फिर से विवादित बयान दिया है। अब गुढ़ा ने नेताओं द्वारा वोट लेने में नपुसंकता व मर्दानगी का मतलब समझाया है।
एक समारोह में बोलते हुए राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि मेरा स्वभाव है जरूरतमंद की मदद करना। जब गहलोत साहब संकट में थे तो उनकी मदद की और फिर लगा कि सचिन पायलट कमजोर हैं तो उनकी मदद करने पहुंच गया।

यही मेरा स्वभाव है। मैं रोक नहीं सकता अपने आप को। मेरा बस का सौदा नहीं। जिसके भी साथ बदमाशी होगी राजेंद्र गुढ़ा वहां उसके साथ खड़ा हो जाएगा। मेरा स्वभाव है लोगों को भोजन करवाना और लोगों के साथ भोजन करना।
राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि अब जो नेता घर-घर आ रहे हैं। ये दिसम्बर के दूसरे सप्ताह के बाद ढूंढने से भी नहीं मिलेंगे। चुनाव के बाद गायब हो जाएंगे। इतने साल से राजनीति में हूं। कहीं भी कोई एक भी रुपए का चार्ज नहीं लगा सकता।
राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि मुझे 36 कौम के वोट मिलते हैं। कई गांवों में 60 प्रतिशत दूसरी जातियों के वोट मुझे देते हैं। खुद की जाति के वोट लेना तो नपुसंकता है। दूसरी जाति के वोट लो वो मर्दानगी मानी जाए।
बता दें कि राजेंद्र सिंह गुढ़ा उदयपुरवाटी से बसपा विधायक हैं। साल 2018 में चुनाव जीतने के बाद बसपा छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गए और अशोक गहलोत सरकार में मंत्री बन गए। मणिपुर हिंसा पर राजस्थान सरकार के खिलाफ बोलने पर मंत्री पद गंवाना पड़ा। फिर गुढ़ा की लाल डायरी सुर्खियों में रही।
हाल ही नीम का थाना में सीएम अशोक गहलोत के आने का कार्यकम था, जिसके मंच पर राजेंद्र गुढ़ा सीना तानकर चलते दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि गुढ़ा को कार्यक्रम में बुलाया नहीं गया था। वे मंच पर चढ़े और नीमकाथाना विधायक सुशील मोदी से हाथ मिलाकर नीचे उतर आए।












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