कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने खत्म की भ्रष्टाचार विरोधी यात्रा, गहलोत सरकार को दिया 15 दिन का समय
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने सोमवार को अपनी भ्रष्टाचार विरोधी यात्रा समाप्त कर दी है। इसके साथ ही सीएम अशोक गहलोत को पिछली सरकार के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
कर्नाटक में विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत हासिल करने वाली कांग्रेस पार्टी जमकर जश्न मना रही है। वहीं राजस्थान जहां इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं वहां कांग्रेस नेता ने आज अपनी पांच दिवसीय भ्रष्टाचार विरोधी यात्रा का समापन कर दिया है। ये भ्रष्टाचार विरोधी यात्रा राजस्थान की पिछली सरकार के खिलाफ थी।

कांग्रेस नेता सचिन पायलट वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पिछली सरकार के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई करने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को 15 दिन की समय सीमा दी है। सचिन पायलट और गहलोत के बीच मतभेद गहराने से कयास लगाए जा रहे हैं कि पायलट कांग्रेस छोड़ सकते हैं।
बता दें राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट ने वसुंधरा राजे के नेतृत्व वाली पिछली भाजपा सरकार के कथित भ्रष्टाचार के मामलों पर गहलोत सरकार की निष्क्रियता के विरोध में पांच दिन की जन संघर्ष यात्रा निकाली थी। सचिन पायलट ने ये जन संघर्ष यात्रा 11 मई को राजस्थान में शुरू की थी,उसे सोमवार को खत्म हुआ।
सचिन पायलट ने सोमवार को ये संघर्ष यात्रा का समापन करते हुए कहा कि अगर इस महीने के अंत तक हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो मैं पूरे राज्य की जनता के साथ 'आंदोलन' करूंगा।
पायलट ने कहा हमने अभी गांधीवादी तरीके से अनशन किया है,अगर भ्रष्टाचार के आरोपों पर कार्रवाई नहीं हुई तो हम पूरे राज्य में आंदोलन करेंगे। हम हर गांव, हर टोले में जाएंगे।
सचिन पायलट में कहा कि इसमें कोई दर्द नहीं कि हम कई दिनों से धूप में चल रहे है लेकिन उन युवाओं के बारे में साचिए जिनकी परीक्षा प्रश्न पत्र लीक होने के कारण रद्द हो गई। उन्होंने कहा भ्रष्टाचार के कारण पेपर लीक होता है। सचिन ने कहा हमारी सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे को प्रभावी ढंग से संबोधित नहीं कर सकी।












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