डॉ. घासीराम वर्मा को मिला स्वामी गोपालदास पुरस्कार, प्रो. LN आर्य बोले- शिक्षा से सर्वांगीण विकास संभव

चूरू। देश-दुनिया में सामाजिक क्रांति के अग्रदूत हमें सीखाते हैं कि समय से आगे कैसा चला जाए और हौंसले के पंखों से समय को कैसे नापा जाया। महापुरुष हमारे लिए प्रेरणा का मार्ग होते हैं और जरूरी है कि उनकी शिक्षा हमारा आचरण बने। आचरण ही समाज का विकास पथ होती है। यही नहीं, स्त्री शिक्षा और दलित शिक्षा के मार्ग पर भी समाज का सर्वांगीण विकास टिका है और विकास का यही मार्ग स्वामी गोपालदास जी ने उस वक्त अपनाया।

Churus Swami Gopaldas Award 2021 to Mathematician Dr. Ghasiram Verma

उक्त विचार चूरू के स्वामी गोपालदास चैक पर सर्व समाज के लोगों द्वारा ने स्वामी गोपालदास जी की पुण्यतिथि आयोजित श्रद्धासुमन कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता बालिका महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. एलएन आर्य ने व्यक्त किए। आर्य ने स्वामी जी के व्यक्तित्व व कृतित्व पर प्रकाश डाला तथा आहवान किया कि स्वामी जी के जीवन चरित्र को हमे अपने आचरण मे ढालना चाहिए।

कार्यक्रम के प्रारंभ में उपस्थित गणमान्य लोगों ने स्वामी जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा आयोजन समिति के कोषाध्यक्ष भंवरलाल कस्वां ने सभी का स्वागत किया। इस अवसर पर शिक्षाविद् प्रो. कमलसिंह कोठारी ने स्वामी गोपालदास जी द्वारा समाज को दिए योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि स्वामी जी ने उस समय स्त्री शिक्षा, दलितोद्धार तथा पर्यावरण जैसे विषयों को छुआ, जो आज भी प्रासंगिक हैं।

कार्यक्रम में आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं शिक्षाविद् प्रो. एचआर ईसराण ने कहा कि स्वामी जी के विचार मानव जाति के लिए प्ररेणास्पद है। उन्होंने कहा कि जिस समय स्त्री शिक्षा को समाज में मान्यता नहीं थी, उस समय स्त्री शिक्षा हेतु स्वामी जी ने ना केवल प्रयास किया बल्कि सर्वहितकारिणी जैसी संस्थाओं का निर्माण करके स्त्री शिक्षा हेतु प्रयास किया। इस अवसर पर प्रो. डीके सिंह ने कहा कि की स्वामी जी का जीवन मानव जाति के लिए समर्पित था, उन्होंने शोषित गरीब और किसान के उद्धार के लिए प्रयास किए। कार्यक्रम में ठाकुर शमसेर खान, आदूराम न्यौल, अभिषेक चोटिया, रामरतन सिहाग, रामेश्वर नायक, कमला पूनिया आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम संयोजक दलीप सरावग ने संकल्प व्यक्त किया कि वे सभी के सहयोग से स्वामी गोपालदास के संस्कारों को समाज में फैलाने का प्रयास करते रहेगें। उन्होंने सभी से अपील की कि हम सब को जाति संप्रदाय से ऊपर उठकर स्वामी गोपालदास जी की शिक्षाओं को समाज के हर वर्ग तक पहुचाना चाहिए क्योंकि स्वामी जी का चिंतन मानव जाति के लिए था और उन्होने पीड़ित मानव की सेवा में अपना जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने आए हुए सभी गणमान्य लोगों का आभार व्यक्त किया तथा राजकीय बालिका महाविद्यालय चूरू का नामकरण स्वामी जी के नाम से करवाने की अनुशंषा करने के लिए रफीक मंडेलिया, सभापति पायल सैनी एवं रेहाना रियाज का भी आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन रवि प्रकाश शर्मा ने किया।

शिक्षाविद् डाॅ. घासीराम वर्मा को दिया गया पुरस्कार:

कार्यक्रम में भंवरलाल कस्वां एवं राकेश कस्वां के सौजन्य से वर्ष 2021 का स्वामी गोपालदास पुरस्कार प्रसिद्ध शिक्षाविद् झुंझुनू निवासी एवं अमेरिका प्रवासी डॉ. घासीराम वर्मा को दिया गया। वर्मा को यह पुरस्कार स्त्री शिक्षा एवं सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए अर्पित किया गया। उनके प्रतिनिधि के रूप में महर्षि दयानंद विज्ञान महाविद्यालय, झुंझुनू के प्राचार्य डाॅ. रामस्वरूप जाखड़ ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वामी गोपालदास जी के विचारों को समाज के हर वर्ग तक पहुचाने के लिए आयोजनक-संस्था को डॉ. घासीराम वर्मा की ओर से एक लाख रुपये भी प्रदान किए। यह राशि पुरस्कार प्रत्युत्तर मान स्वरूप कार्यक्रम आयोजकों ने ग्रहण की। उल्लेखनीय है कि इससे पहल यह पुरस्कार ख्यातनाम इतिहासका गोविंद अग्रवाल एवं स्वतंत्रता सेनानी चंदनमल बहड़ को दिया जा चुका है।

इनकी रही उल्लेखनीय उपस्थिति

कार्यक्रम में राकेश कस्वां, अनिल बालाण, मनरूप बेनीवाल, शिवलाल सिहाग, राकेश बेनीवाल, अरूण भांभू, कृष्ण ईसराण और नवनीत ने आयोजकीय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में श्यामसुन्दर शर्मा, कुमार अजय, ओमप्रकाश बाकोलिया, दुलाराम सहारण, अबरार खान, अंजु नेहरा, गंगाराम कड़वासरा, अजय दाधीच, राजीव बहड़, महेश मिश्रा, शर्मिला पूनियां, किशोर धांधू, पेमाराम गेट, राजपाल दईया, श्रवण बसेर, किशनाराम बाबल, अशोक हुडा, सुनील भाउवाला, डॉ. राहुल कस्वां, पवन खेमका, विनोद राठी, डॉ. दिव्या बुडानिया, विकास मील, बालाराम प्रजापत, विमल अग्रवाल, मीना वर्मा, सुरेन्द्र बाबल, नरेन्द्र सिहाग, सुरेश कल्ला, सुरेन्द्र सिंह शेखावत, मोहरसिंह सरावग, शिशुराम बुडानिया, रामकुमार खीचड़, मंगल व्यास भारती, कबीर पाठशाला, गोपाल पाठशाला और बालिका आदर्श विधा मंदिर के स्टाफ सहित प्रबुद्धजन उपस्थित थे। शहर की अनेक संस्थााओं और गणमान्य नागरिकों की इस अवसर पर उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

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