चूरू दुनिया का 5वां सबसे गर्म शहर, सड़कों पर दमकल से छिड़का पानी, जानिए Churu में क्यों बरसते हैं अंगारे?
चूरू, 16 मई। राजस्थान में गर्मी का कहर जारी है। रविवार को राजस्थान का चूरू दुनिया का पांचवां सबसे गर्म स्थान रिकॉर्ड हुआ है। ( Churu Maximum temperature 47.9 degrees ) अधिकतम तापमान 47.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के कारण लोगों को राहत पहुंचाने के लिए सड़कों पर दमकल से पानी का छिड़काव करना पड़ा है।

भारत के 12 व 3 शहर पाकिस्तान के
बता दें कि रविवार को दुनियाभर के 15 शहरों में अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इनमें 12 शहर भारत व 3 शहर पाकिस्तान के हैं। 49 डिग्री के साथ भारत का बांदा टॉप पर रहा है जबकि 47.9 डिग्री तापमान वाले चूरू का नंबर दुनिया के गर्म शहरों में पांचवां रहा है।

चूरू में लू बरपा कर रही कहर
चूरू में भीषण गर्मी हर किसी को झूलसा रही है। लू भी चल रही हैं, जिसकी वजह दोपहर में सड़कों पर निकलना भी मुश्किल हो रहा है। सड़क किनारे दुकानदारों के हाल बुरे हैं। ऐसे में यहां पर रविवार को दमकल से सड़कों पर पानी का छिड़काव किया गया ताकि आमजन को गर्मी से राहत मिल सके।

दुनिया के 15 सबसे गर्म स्थान
1. बांदा यूपी भारत - 49 डिग्री सेल्सियस
2. डेरा इस्माइल खां पाकिस्तान - 48.8
3. जैकोबाबाद पाकिस्तान - 48
4. नवाबशाह पाकिस्तान - 48
5. चूरू राजस्थान भारत - 47.9
6. हनुमानगढ़ राजस्थान भारत - 47.9
7. पिलानी राजस्थान भारत - 47.7
8. धौलपुर राजस्थान भारत - 47.7
9. श्रीगंगानगर राजस्थान भारत - 47.6
10. झांसी यूपी भारत - 47.6
11. नौगांव मध्य प्रदेश भारत - 47.6
12. नारनौल हरियाणा भारत - 47.5
13. जैसलमेर राजस्थान भारत - 47.4
14. खजुराहो मध्य प्रदेश भारत - 47.4
15. फलौदी राजस्थान भारत - 47.4
चूरू में पड़ती है सबसे ज्यादा गर्मी
राजस्थान में सबसे गर्म स्थान का जिक्र होता है तो सबसे पहले जेहन में चूरू का नाम आता है। चूरू गर्मियों में आसमां से अंगारे बरसने और ठंड में बर्फ जमने के लिए फेमस है। चूरू महज छह के अंतराल में ही अपने तापमान में 54 डिग्री का अंतर झेलता है।

चूरू में ज्यादा गर्मी की वजह
मौसम विशेषज्ञ शिव गणेश कहते हैं कि चूरू में ज्यादा गर्मी की सारा केमेस्ट्री उसकी भूगोल में छिपी है। चूरू में मिट्टी, हवा, जमीन में पोषक तत्वों की कमी और वनस्पति की कमी के कारण यहां सर्दी-गर्मी दोनों ही ज्यादा पड़ते हैं। चूरू में बालू रेत के कण बेहद छोटे हैं। यह कण अन्य मिट्टी के कणों की तुलना में जल्दी गर्म व ठंडे होते हैं।

इन चार कारणों से पड़ती चूरू में गर्मी
चूरू के लोहिया महाविद्यालय के सह आचार्य डॉ. रविन्द्र कुमार बुडानिया बताते हैं कि चूरू में मिट्टी के कण बेहद सूक्ष्म हैं। इनकी स्पेसिफिक हीट कैपेसिटी कम है। इसलिए यहां की मिट्टी जल्द गर्म हो जाती है। चूरू में पेड़-पौधे व वनस्पति कम है। मिट्टी में नमक की मात्रा ज्यादा है।पश्चिम की ओर से चूरू में तीन से छह किलोमीटर रफ्तार से गर्म हवाएं आती हैं। इन सबस वजहों से चूरू में गर्मी अधिक पड़ती है।












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