भंवरलाल शर्मा : वो गुरुजी जिनके रिटायरमेंट पर रोने लगा पूरा गांव, हाथी पर बैठाकर निकाला जुलूस
भीलवाड़ा, 5 जनवरी। किसी शिक्षक का कार्यकाल कैसा रहा? इसकी एक झलक उनके रिटायरमेंट वाले दिन भी देखने को मिल सकती है। ऐसा ही मामला राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा तहसील के अरवड़ में सामने आया है। यहां पर शिक्षक के रिटायरमेंट पर पूरे गांव की आंखों से आंसू बह निकले।

40 साल पहले नौकरी लगे थे भंवरलाल
वन इंडिया हिंदी से बातचीत में शिक्षक भंवरलाल शर्मा ने अपनी 40 साल की नौकरी में आए उतार-चढ़ाव, बच्चों का भविष्य संवारने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों व अब रिटायरमेंट पर ग्रामीणों व विद्यार्थियों के अटूट स्नेह के बारे में बताया।

भंवरलाल शर्मा 31 दिसम्बर 2021 को रिटायर हो गए
भंवरलाल शर्मा 31 दिसम्बर 2021 को रिटायर हो गए। इस मौके पर गांव अरवड़ के लोगों और विद्यार्थियों ने उन्हें शानदार विदाई दी। शिक्षक भंवरलाल शर्मा को हाथी पर बैठाकर पूर गांव में जुलूस निकाला और दो डीजे बजाकर पूरा गांव जमकर नाचा। इस दौरान ग्रामीण रोने भी लगे।

शर्मा के प्रयासों में उच्च माध्यमिक विद्यालय बना
भंवरलाल शर्मा ने बताया कि 1980 में चित्तौड़गढ़ से सरकारी नौकरी शुरू की थी। साल 2001 से भीलवाड़ा जिले के शाहपुरा तहसील के अरवड़ के सरकारी स्कूल में कार्यरत रहे। शुरुआत में यह स्कूल उच्च प्राथमिक स्तर का था। शर्मा के प्रयासों में उच्च माध्यमिक विद्यालय बना।

राजनीति विज्ञान व भूगोल विषय पढ़ाते थे
वैसे तो भंवरलाल शर्मा वरिष्ठ अध्यापक थे, मगर स्कूल में शिक्षकों की कमी की वजह से 11वीं और 12वीं के बच्चों को व्याख्याता के रूप में राजनीति विज्ञान व भूगोल विषय पढ़ाते थे। गांव के बच्चों का शिक्षक शर्मा से खास लगाव था।

हाथी पर बैठाकर एनएच 148डी होते हुए पूरे गांव में जुलूस निकाला
भंवरलाल शर्मा के रिटायरमेंट पर विद्यार्थियों ने पांच मीटर तक शिक्षक शर्मा को अपने कंधों पर बैठाकर ले गए। फिर उन्हें हाथी पर बैठाकर एनएच 148डी होते हुए पूरे गांव में जुलूस निकाला। भंवरलाल शर्मा कहते हैं कि रिटायरमेंट पर ग्रामीणों व विद्यार्थियों का उनके प्रति स्नेह देखकर उनकी खुद की भी आंख भर आई कि बच्चों को शिक्षा देने के साथ-साथ अपार प्रेम भी कमाया।












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