Rajasthan: उदयपुर में आदमखोर तेंदुए की तलाश में सेना मुस्तैद, फिर भी दहशत में ग्रामीण
Man-eating leopard in Udaipur, Rajasthan News: राजस्थान के उदयपुर में आदखोर तेंदुए का कहर लगातार जारी है। अब तक तेंदुए ने तीन जनों को अपना शिकार बना लिया है। ग्रामीण दहशत के साए में रात काट रहे है। उधर तेंदुए को कंट्रोल करने के लिए सेना को बुलाया गया है।
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दरअसल उदयपुर जिले के गोगुंदा क्षेत्र की ग्राम पंचायत छाली में आदमखोर लेपर्ड ने एक के बाद एक तीन जनों को अपना शिकार बना लिया है। इस आदमखोर तेंदुए को कंट्रोल करने के लिए पिछले तीन दिन से सेना तलाश में जुटी है।
स्थानीय सरपंच गणेशलाल खेर ने बताया कि उमरिया गांव में खेत पर काम कर रही हमेरी भील को लेपर्ड ने शिकार बनाया हैं। लेपर्ड के हमले के बाद हमेरी भील ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना के बाद जनप्रतिनिधियों ने वन विभाग और पुलिस को घटना की सूचना दी। इस पर वन विभाग के अधिकारी और पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। इस घटना के बाद ग्रामीण भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
इससे पहले आदमखौर लेपर्ड ने बुधवार को एक महिला को अपना शिकार बनाया था वहीं गुरूवार को एक व्यक्ति पर हमला किया, जिसमें एक युवक की मौत हो गई। गोगुंदा के छाली क्षेत्र में लगातार आदमखौर पैंथर के हमले के बाद शुक्रवार को ग्रामीण आक्रोशित हो गए। आदमखोर तेंदुए के हमले से ग्रामीण डरे हुए है।
वहीं अब आदमखोर लेपर्ड को पकड़ने के लिए अब आर्मी के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया हैं। आर्मी के अधिकारी नवीन तकनीक के उपकरणों के साथ गोगुंदा क्षेत्र में पहुंचे हैं। यहां पर पहुंचने के बाद शनिवार को लेपर्ड को तलाशने का कार्य शुरू हुआ।
इससे पहले शुक्रवार देर रात स्थानीय पुलिस और ग्रामीणों ने लेपर्ड के मूवमेंट पर नजर बनाए रखने के लिए जंगल में रात गुजारी लेकिन लेपर्ड का मूवमेंट नजर नहीं आया। लेपर्ड की ओर से 5 किलोमीटर के दायरे में तीन लोगों के शिकार के बाद ग्रामीण भय के माहौल में जीने को मजबूर हैं।
लगातार लेपर्ड के हमले के बाद वन विभाग के आला अधिकारी घटना स्थल के आसपास के जंगल में डेरा डाले हुए है लेकिन अभी तक वन विभाग के हाथ पूरी तरह खाली हैं।
इधर गोगुंदा के एसडीएम डॉ. नरेश सोनी ने बताया कि आर्मी टीम कैप्टन संदीप चौधरी के नेतृत्व में 8 सैनिक छाली गांव पहुंच गए है और लेपर्ड को तलाशने का कार्य शुरू हो चुका हैं।
अत्याधुनिक उपकरणों से लैस टीम ने देर रात ही सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया और करीब 3 लोकेशन पर नाइटविजन दूरबीन लगा कर निगरानी की गई लेकिन पूरी रात बीत जाने के बाद भी लेपर्ड का मूवमेंट कैमरे में कैद नहीं हो सका।
वन विभाग की टीमें भी कर रही है निगरानी
इधर, वन विभाग की टीमों ने उण्डीथल, भेवड़िया और उमरिया सहित अलग-अलग जगहों पर निगरानी की। वन विभाग के सीसीएफ सुनील और डीएफओ अजय चितौड़ा भी मौजूद रहे। जहां-जहां लेपर्ड ने हमले किए, उन तीन जगहों पर पिंजरे लगाए गए, साथ ही एक संभावित जगह पर पिंजरा लगाया गया और निगरानी के लिए पिंजरे से दूर टीमें तैनात की गई लेकिन लेपर्ड दिखा नहीं है।
ग्रामीणों ने लेपर्ड को शूट करने की उठाई मांग
छाली ग्राम पंचायत और आसपास के क्षेत्र में लेपर्ड का आंतक इतना बढ़ गया है कि अब ग्रामीणों ने लेपर्ड को शूट करने की मांग उठाई हैं।
ग्रामीणों की माने तो लेपर्ड अब पूरी तरह से आदमखोर हो गया है और वह पकड़े जाने के बाद भी किसी भी व्यक्ति पर जानलेवा हमला कर सकता हैं। ऐसे में लेपर्ड को शूट कर दिया जाए ताकि मानव जीवन सुरक्षित हो सकें।












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