Army Day 2026: शहीद बेटे को याद कर बेसुध हुई मां, ऑपरेशन सिंदूर में जवान की बहादुरी देख कांप गया था पाकिस्तान!
Army Day Parade 2026: राजस्थान की गुलाबी नगरी जयपुर में आयोजित 78वें सेना दिवस समारोह बड़ी ही धूम-धाम से मनाया गया। लेकिन यह उत्साह उस वक्त एक गहरे सन्नाटे और भावुकता में बदल गया, जब शहीद लांस नायक प्रदीप कुमार की बुजुर्ग मां अपने लाल का सम्मान लेने मंच पर पहुंचीं।
शौर्य और पराक्रम की गूंज के बीच, जैसे ही शहीद का नाम पुकारा गया, एक मां का कलेजा बेटे की याद में फट पड़ा। ऑपरेशन सिंदूर में अदम्य साहस दिखाते हुए वीरगति को प्राप्त हुए प्रदीप कुमार को मरणोपरांत सेना मेडल (वीरता) से नवाजा जा रहा था।

जब उनकी मां मेडल लेने के लिए आगे बढ़ीं, तो भावनाओं का सैलाब उमड़ पड़ा और वह मंच पर ही बेसुध होकर गिर पड़ीं। वहां मौजूद सेना के जवानों और अधिकारियों ने तुरंत फुर्ती दिखाते हुए उन्हें सहारा दिया और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया। यह दृश्य इतना भावुक करने वाला था कि वहां मौजूद राज्यपाल, मुख्यमंत्री और सेना के बड़े अधिकारियों की आंखें भी नम हो गईं।
Army Day 2026: शहीद लांस नायक प्रदीप कुमार, 'ऑपरेशन सिंदूर' का जांबाज
लांस नायक प्रदीप कुमार भारतीय सेना के उन चुनिंदा योद्धाओं में शामिल थे जिन्होंने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और दुश्मन की भारी गोलाबारी के बीच 'ऑपरेशन सिंदूर' को सफल बनाने में अपनी जान की बाजी लगा दी। अदम्य साहस और कर्तव्य परायणता का परिचय देते हुए उन्होंने अंतिम सांस तक मोर्चा संभाले रखा।
उनके इसी सर्वोच्च बलिदान के लिए भारत सरकार ने उन्हें मरणोपरांत सेना मेडल देने का निर्णय लिया। जयपुर के महल रोड पर जब उनकी बहादुरी का किस्सा सुनाया गया, तो पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट और 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा।
सम्मान समारोह में पांच वीरों को मरणोपरांत नमन
प्रदीप कुमार के साथ-साथ चार अन्य जांबाज योद्धाओं के परिवारों को भी सेना मेडल (वीरता) से सम्मानित किया गया। ये सभी वीर 'ऑपरेशन सिंदूर' और अन्य अभियानों में शहीद हुए थे।
- सूबेदार मेजर पवन कुमार
- हवलदार सुनील कुमार
- लांस नायक दिनेश कुमार
- लांस नायक सुभाष कुमार
- लांस नायक प्रदीप कुमार
इन सभी वीरों के परिवारों ने भारी मन और गर्व के साथ अपने बच्चों और पिताओं का सम्मान ग्रहण किया।
Army Day 2026: सेना के डॉक्टरों की निगरानी में शहीद की मां
मंच पर बेसुध होने के बाद सेना के प्रोटोकॉल के तहत तुरंत मेडिकल टीम सक्रिय हुई। शहीद प्रदीप कुमार की मां को आर्मी एंबुलेंस से मिलिट्री हॉस्पिटल (MH) ले जाया गया। सेना के वरिष्ठ डॉक्टरों ने बताया कि भावनाओं के अतिरेक और बेटे के खोने के गम के कारण उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। वर्तमान में उनकी हालत स्थिर है और सेना के अधिकारी स्वयं उनकी देखरेख कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली और परिवार को हर संभव मदद का भरोसा दिया।
अत्याधुनिक हथियारों के बीच दिखा संवेदनाओं का संगम
78वें सेना दिवस के इस समारोह में एक तरफ जहां अर्जुन टैंक, के-9 वज्र, धनुष तोप और ब्रह्मोस मिसाइल जैसे घातक हथियारों का प्रदर्शन हो रहा था, वहीं दूसरी ओर शहीद परिवारों की मौजूदगी ने देश को यह अहसास कराया कि आजादी की कीमत क्या है।
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े और सीडीएस ने शहीदों के अदम्य साहस को सलाम किया। पहली बार छावनी से बाहर जयपुर की सड़कों पर निकली इस परेड ने सेना और जनता के बीच के फासले को तो कम किया ही, साथ ही शहीद परिवारों के प्रति राष्ट्र की संवेदनाओं को भी नई दिशा दी।
गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति
इस गौरवमयी समारोह के साक्षी बने:
- हरिभाऊ बागड़े (राज्यपाल, राजस्थान)
- भजनलाल शर्मा (मुख्यमंत्री, राजस्थान)
- वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और सेना के विभिन्न रेजिमेंटों के प्रतिनिधि।
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