गैंगस्टर आनंदपाल का 'टॉर्चर हाउस' बन गया गर्ल्स कॉलेज, पहले यातनाओं से चीखें, अब शिक्षा, पढ़ें पूरी कहानी
Anandpal Singh torture house: राजस्थान में जितना खूंखार गैंगस्टर आनंदपाल सिंह था उतना ही खतरनाक उसका टॉर्चर हाउस था, जहां वो किडनैप करके लाए लोगों को यातनाएं दिया करता था। उनके साथ जानवरों जैस सलूक किया करता था। तब वहां चीख-पुकार सुनाई देती थी, मगर अब आनंदपाल सिंह के खात्मे के बाद टॉर्चर हाउस शिक्षा का मंदिर बनने जा रहा है। राजस्थान सरकार ने आनंदपाल सिंह के टॉचर हाउस के सामने राजकीय कन्या महाविद्यालय बनाया है।
आनंदपाल सिंह का टॉर्चर हाउस (दो मंजिला आलिशान घर) राजस्थान के नागौर से अलग होकर नए जिले डीडवाना-कुचामन के लाडनूं में स्थित है। किलेनुमा यह घर गैंगस्टर आनंदपाल सिंह और उसकी गैंग द्वारा फिरौती के लिए अपहरण करके लाए लोगों को छिपाने व यातनाएं देने के लिए इस्तेमाल किया जाता था। यहां पर राजस्थान सरकार ने 4.50 करोड़ रुपए खर्च करके बालिका महाविद्यालय का निर्माण करवाया है।
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राजस्थान एडीजी (क्राइम) आईपीएस एमएन दिनेश ने वनइंडिया हिंदी से बातचीत में बताया कि राजस्थान काश्तकारी अधिनियम और बेनामी लेनदेन अधिनियम के तहत राजस्थान सरकार ने आनंदपाल सिंह की करीब 150 करोड़ रुपये की 8 संपत्तियों को जब्त किया था, जो लाडनूं व इसके आस-पास की जगहों पर हैं। लाडनूं वाली जगह पर आनंदपाल सिंह के टॉर्चर हाउस के सामने कन्या महाविद्यालय संचालित होगा। छात्राओं की सुरक्षा भी सुनिश्चित की गई है।
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सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा आनंदपाल सिंह बेनामी जगह पर बालिका महाविद्यालय का निर्माण करके दो दिसंबर 2024 को शिक्षा विभाग को सौंपा है। जल्द ही राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के हाथों इस महाविद्यालय का लोकार्पण होने वाला है। फिर यहां सरकारी कॉलेज की छात्राएं पढ़ती नजर आएंगीं। वर्तमान में राजकीय बालिका महाविद्यालय एक सरकारी स्कूल के भवन में संचालित हो रहा है।

कौन था आनंदपाल सिंह?
- गैंगस्टर आनंदपाल सिंह का जन्म 31 मई 1975 को राजस्थान के नागौर जिले की लाडनूं तहसील के गांव सांवरोद में हुकुम सिंह चौहान व निर्मल कंवर के घर हुआ था।
- आनंदपाल सिंह की शादी साल 1992 में राज कंवर के साथ हुई थी। इनके दो बेटी योगिता कंवर चौहान व चरणजीत कंवर चौहान है।
- आंनदपाल सिंह बचपन से ही पढ़ाई होशियार था। वो पढ़-लिखकर शिक्षक बनना चाहता था। ग्रेजुएशन करने के बाद बीएड की।
- राजस्थान पंचायती राज चुनाव 2000 में आनंदपाल सिंह ने पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा। जीता भी, मगर प्रधान के चुनाव में हार गया था।
- चुनावी हार के गुस्से ने आनंदपाल सिंह क्राइम की दुनिया में धकेल दिया। साल 2006 में आनंदपाल सिंह डीडवाना में जीवनराम गोदारा की गोली मारकर हत्या की।
- फिर पीछे मुंड़कर नहीं देखा और क्राइम के दल-दल में फंसता चला गया। धीरे-धीरे शराब के धंधे में उतर गया। अपनी गैंग बना ली। फिरौती वसूलने लगा। गैंगस्टर बन गया।

आनंदपाल सिंह का अपराध रिकॉर्ड
- गैंगसटर बनने के बाद आनंदपाल सिंह और उसकी गैंग ने लूट, डकैती, गैंगवार, हत्या और हत्या के प्रयास के दर्जनों वारदातों को अंजाम दिया।
- राजस्थान के विभिन्न पुलिस थानों में आनंदपाल सिंह पर 24 से ज्यादा मामले दर्ज थे। उसे आठ मामलों में कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया था।
- सीकर के गोपाल फोगावट हत्याकांड, सुजानगढ़ में भोजलाई चौराहा फायरिंग, नानूराम हत्याकांड में आनंदपाल का नाम आया।
- साल 2012 में राजस्थान पुलिस ने आनंदपाल सिंह को अरेस्ट कर लिया। साल 2015 पर उसे नागौर जिले की डीडवाना कोर्ट में पेशी भुगताकर वापस अजमेर जेल में लाया जा रहा था। इसी दौरान वह पुलिस पर हमला करके फरार हो गया।
- आनंदपाल की तलाश में जुटी राजस्थान एसओजी ने उसके दो भाइयों देवेंद्र उर्फ गुट्टू और विक्की को हरियाणा के सिरसा से गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ में पता चला कि आनंदपाल चूरू के जिले रतनगढ़ तहसील के गांव मालासर में श्रवण सिंह राजपूत के घर छुपा हुआ है।
- 24 जून 2017 की रात को आईपीएस एमएन दिनेश की देखरेख राजस्थान-हरियाणा पुलिस ने ज्वाइंट ऑपरेशन में आनंदपाल सिंह को मार गिराया था। आनंदपाल एनकाउंटर को उसके परिवार ने फर्जी बताया था।












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