अजमेर डॉक्टर केस: डॉ. कुलदीप शर्मा के लिए सड़कों पर उतरे लोग, JEN सस्पेंड, 7 होमगार्ड को हटाया
Ajmer Doctor Kuldeep Sharma: अजमेर में डॉक्टर कुलदीप शर्मा से मारपीट का मामला तूल पकड़ गया है। अजमेर प्रशासन और डॉक्टरों के बीच तनातनी बढ़ गई है। विवाद के चलते प्राइवेट डॉक्टरों और ब्राह्मण समाज ने कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया और मांग की कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। अजमेर विकास प्राधिकरण (एडीए) के खिलाफ भी विरोध जताया गया। कलेक्टर ने इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
इस घटना के बाद डॉक्टरों का गुस्सा सड़कों पर आ गया। उन्होंने हड़ताल करने का निर्णय लिया। ब्राह्मण समाज भी डॉक्टर के समर्थन में उतरा। अजमेर कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। ब्राह्मण समाज के अध्यक्ष सुदामा शर्मा ने इस घटना को निंदनीय बताते हुए चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो राजस्थान में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

अजमेर में डॉक्टर का क्या मामला है?
यह विवाद 20 मार्च 2025 को हुआ, जब अजमेर विकास प्राधिकरण का एक दस्ता पंचशील नगर में अवैध निर्माण को तोड़ने के लिए पहुंचा। हालांकि, इस दौरान डॉ. कुलदीप शर्मा और उनकी पत्नी डॉ. गायत्री दरगड़ ने इसका विरोध किया।
अजमेर के डॉ. कुलदीप शर्मा के अनुसार, एडीए अधिकारियों ने उनके साथ अभद्रता की और मारपीट की। एडीए ने भी आरोप लगाया कि डॉ. कुलदीप और उनके परिवार ने कर्मचारियों के साथ गाली-गलौच की और मारपीट की।
इस विवाद के बाद कलेक्टर ने जेईएन रघुनंदन सिंह को सस्पेंड कर दिया और सात होमगार्ड कर्मियों को हटा दिया। इसके अलावा, मामले की जांच के लिए एक कमेटी भी बनाई गई, जिसकी अध्यक्षता अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट गजेन्द्र सिंह राठौड़ करेंगे।

ब्राह्मण समाज और डॉक्टरों का विरोध
अजमेर प्राइवेट डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज तोषनीवाल ने जिला कलेक्टर से मिलकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। वहीं, ब्राह्मण समाज ने कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्रशासन से माफी मांगने और तोड़फोड़ के नुकसान की भरपाई की भी मांग की। ब्राह्मण समाज के नेताओं ने कहा कि इस घटना से समाज को गहरा धक्का लगा है और वे इस पर चुप नहीं रहेंगे।

एडीए की कार्रवाई और विवाद का कारण
इस विवाद का मुख्य कारण था, एडीए द्वारा किए गए भूमि के नाप में कमी और डॉ. नितिन दरगड़ द्वारा अवैध निर्माण की शिकायत। एडीए ने डॉ. दरगड़ के प्लॉट पर निर्माण को अवैध मानते हुए उसे तोड़ने का आदेश जारी किया था। इसके बाद डॉ. दरगड़ ने एडीए से भवन निर्माण स्वीकृति प्राप्त किए बिना निर्माण कार्य शुरू कर दिया, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ। अजमेर जिला कलेक्टर लोकबंधु ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की बात कही है और अधिकारियों को दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
राजनीतिक पक्ष और आगे की कार्रवाई
भाजपा पदाधिकारियों ने भी अजमेर डॉक्टर कुलदीप शर्मा के केस में जिला कलेक्टर से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की। भाजपा के नेताओं ने इस घटना को लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।












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