छत्तीसगढ़ के पूर्व CM रमन सिंह की इस तस्वीर पर क्यों मचा है सियासी घमासान? जानिए
बीजेपी की केंद्रीय टीम ने राज्य के तमाम बड़े नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वह पृथक तौर पर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करके कार्यकर्ताओं के घर ही रात बिताएं और वहीं भोजन करें ।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह की एक तस्वीर ने छत्तीसगढिया और गैर छत्तीसगढ़िया के मुद्दे को फिर गरमा दिया है। दरअसल डॉ. रमन सिंह सोशल मीडिया में अपने बिलासपुर प्रवास के दौरान एक ग्रामीण व्यक्ति के घर में भोजन करते हुए तस्वीर साझा की।इस तस्वीर में उन्होंने लाल भाजी और जिमीकंद की सब्ज़ी के स्वाद की तारीफ की। इस तस्वीर पर सीएम भूपेश बघेल ने टिप्पणी करते हुए कहा कि रमन सिंह का ससुराल मध्यप्रदेश में है वहां छत्तीसगढ़िया खाना बनता नहीं, भाभी ने अब ने सीख लिया होगा, इसीलिए वह छत्तीसगढ़िया खाना खा रहे हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का असर दिखने लगा है,यही वजह है कि वह अब ग्रामीणों के घर भोजन कर रहे हैं। वहीं पूर्व सीएम डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मुझ पर किसी का असर नहीं है। मेरे 2 दिन निकलने पर कांग्रेस की हालत खराब होने लगी है। मुझे लाल भाजी-जिमीकंद पसंद है तो खाता हूं,कांग्रेस को जिमीकांदा और लाल भाजी नहीं, डा. रमन सिंह से एलर्जी है।
बीजेपी की केंद्रीय टीम के निर्देशों का पालन कर रहे हैं रमन सिंह
ज्ञात हो कि बीजेपी की केंद्रीय टीम ने राज्य के तमाम बड़े नेताओं को निर्देश दिए हैं कि वह पृथक तौर पर विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों का दौरा करके कार्यकर्ताओं के घर ही रात बिताएं और वहीं भोजन करें । इसी आदेश के बाद रमन सिंह बिलासपुर के दौरे पर हैं। वह भाजपा कार्यकर्ताओं के घर भोजन चख रहे हैं। ऐसी ही एक तस्वीर को डॉ रमन ने ट्विटर पर शेयर की है- रामफल धीवर जी के घर बने जिमी कांदा और लालभाजी की बात ही गजब है। मस्तूरी विधायक डॉ कृष्ण मूर्ति बांधी जी और बिलासपुर जिलाध्यक्ष रामदेव कुमावत जी के साथ इस रात्रिभोज में मन आनंदित हो गया।
इस फोटो के बाद छत्तीसगढ़ कांग्रेस के मीडिया इंचार्ज सुशील आनंद शुक्ला ने फोटो पर सवाल उठाते हुए लिखा कि रमन सिंह 15 साल गरीबों के घर खाना नहीं खाए। गरीबों के घर खाना खाए हैं तो फोटो जारी करें। सीएम भूपेश का असर रमन पर पड़ रहा है।
इधर भाजपा प्रवक्ता और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने जिमिकांदा लालभाजी पर सियासी बयानबाजी पर पलटवार करते हुए ट्विट किया कि कभी रंग के नाम पर/कभी जाति आधार पर/ कभी भाषा और क्षेत्रवाद के आधार पर लोगों को आपस मे लड़वाने वाले भूपेश बघेल जी को भोजन में भी भीतरी बाहरी नजर आने लगा है। बघेल जी! भात दाल,जिमीकांदा संपूर्ण भारत मे खाया जाता है, आपके घर में धरती के बाहर का खाना बनता है क्या?
छत्तीसगढ़ में चुनाव की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। ऐसे में छत्तीसगढियावाद का मुद्दा फिर उठने लगा है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ग्रामीण परिवेश से आते हैं। कांग्रेस ने 2018 के चुनाव के पूर्व से लेकर सत्ता में काबिज़ होने के बाद भी उनके छत्तीसगढ़िया और किसान होने की छवि का जबरदस्त सियासी लाभ उठाया है। कांग्रेस की इस रणनीति का नुकसान 15 साल तक छत्तीसगढ़ के मुख्यमत्री रहे डॉ. रमन सिंह को भीं उठाना पड़ा है।












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