रायपुर में हो रही है नवजात शिशुओं की खरीदी-ब्रिक्री, CMHO ने SP से कहा, कीजिये कार्रवाई
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवजात शिशुओं की खरीदी बिक्री का गिरोह चलने का मामला सामने आया है।
रायपुर, 22 जुलाई। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में नवजात शिशुओं की खरीदी बिक्री का गिरोह चलने का मामला सामने आया है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग को एक जांच के दौरान यह पता चला है कि यह गैंग शहरी इलाके की तुलना में ग्रामीण इलाकों और शहर के बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को टारगेट किया जा रहा है। विशेषकर जिनके पहले से 3 या उससे अधिक बच्चे हैं। इन लोगों को गिरोह पैसों का लालच देकर उनसे बच्चे खरीद रहा है। जिसके बाद जरूरतमंदों को देने के लिए सौदेबाजी की जा रही है।

दरअसल एक अख़बार ने अपनी खबर में बताया था किकिस तरह रायपुर में एक नर्स की तरफ से 4 लाख रुपए में बच्चे को बेचने किए लिए राजी ही गई थी।छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध होने के बावजूद अविवाहित लड़कियों से सरोगेसी के संबंध में खुलासा किया गया था। इस खबर के बाद स्वास्थ्य महकमे के साथ ही प्रशासन और पुलिस भी सतर्क हो गया है।
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रायपुर सीएमएमएचओ ने भी माना है कि यह मामला अत्यंत गंभीर है। मामले के सामने आने के अब हेल्थ डिपार्टमेन्ट ने अपने स्तर पर कार्यवाही शुरू कर दी है। वही सीएमएचओ मीरा बघेल ने रायपुर एसएसपी प्रशांत अग्रवाल को लिखा है,जिसके बाद पुलिस विभाग ने अभी अपनी तैयारी करते हुए मामले में संभावित आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्लान तैयार किए है। बताया जा रहा है कि पुलिस रायपुर के अलावा पड़ोसी जिलों में भी क्लू ढूंढकर छापेमारी करेगी। पुलिस को अपनी शुरुआती पड़ताल में यह जानकारी मिली है कि बाहरी इलाकों में बच्चों के माता पिता से सम्पर्क करके उन्हें बेचने के लिए तैयार किया जाता है। ऐसे प्रकरण में दोनों पक्षों की सहमति करवा ली जाती थी, इसलिए मामला पुलिस के पास नहीं पहुंच पाता था,क्योंकि तय होने के कारण सभी बातें सेटल हो जाती थी। एक जानकारी के मुताबिक पूरे छत्तीसगढ़ में फ़िलहाल 2200 अनाथ बच्चे हैं, किन्तु इनको गोद लेने की प्रक्रिया इतनी कठिन है कि कई एप्लीकेशन पांच साल से पेंडिंग हैं।
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