छत्तीसगढ़: मंत्री रविंद्र चौबे से मिले सरपंच, फर्जी सरपंच संघ पर कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ सरपंच संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष पेश होकर ऐसी स्थिति से इंकार किया है।दरअसल कुछ मीडिया संस्थानों ने खबर प्रसारित की थी कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न गांवों के सरपंच अपनी 20 हजार रुपए मानदेय देने, 10 लाख

रायपुर 23 अगस्त। छत्तीसगढ़ के कर्मचारियों के साथ ही सरपंच संघ के राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करने करके काम बंद कलम बंद हड़ताल पर जाने की खबरों पर सवाल उठने लगा है। सरपंच संघ से जुड़े प्रतिनिधियों ने सरकार के समक्ष पेश होकर ऐसी स्थिति से इंकार किया है।दरअसल कुछ मीडिया संस्थानों ने खबर प्रसारित की थी कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न गांवों के सरपंच अपनी 20 हजार रुपए मानदेय देने, 10 लाख रुपए सरपंच निधि देने और कोरोनाकाल के 2 साल के कार्यकाल को आगे बढ़ाने की मांगो को लेकर हड़ताल पर चले गए है।

sarpanch sangh

मंगलवार को कृषि ,जल संसाधन , पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री रविंद्र चौबे से उनके निवास कार्यालय में नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव कुमार डेहरिया के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने सौजन्य मुलाकात की । छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के अध्यक्ष गोपाल धीवर और पदाधिकारियों ने मंत्री चौबे को ज्ञापन सौंपा और कहा कि छत्तीसगढ़ सरपंच संघ सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर जनता की सेवा और राज्य के विकास में सहभागी रहा है और आगे भी रहेगा।
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सरपंच संघ के अध्यक्ष धीवर ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा आम जनता की भलाई और पंचायतों को सशक्त और सरपंचों को अधिकार संपन्न बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार समाज के सभी वर्गों की भलाई के लिए काम कर रही है । सरपंच संघ सरकार के साथ जन सेवा में जुटा रहेगा । उन्होंने छत्तीसगढ़ सरपंच संघ के नाम पर कुछ लोगों ने असंवैधानिक संगठन बना लिया है और सरपंचों को बदनाम कर रहे हैं। ऐसे ऐसे लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए । उन्होंने कहा कि राज्य के सभी ग्राम पंचायतों के सरपंच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा सरपंचों का मानदेय बढ़ाए जाने, ग्राम पंचायतों को 50 लाख रुपए तक का काम कराए जाने का अधिकार तथा नया एसओआर दर को लागू किए जाने के लिए मुख्यमंत्री सहित छत्तीसगढ़ सरकार का आभार जताया।

सरपंच संघ के प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि राजीव गांधी किसान न्याय योजना ,गोधन न्याय योजना, राजीव गांधी कृषि ग्रामीण मजदूर न्याय योजना सहित प्रदेश सरकार की अन्य जन हितैषी कार्यों से गांव और ग्रामीणों की स्थिति में तेजी से बदलाव आ रहा है। गांव में रोजगार के अवसर बढ़े हैं, लोगों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो रही है।
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उन्होंने कहा कि सरपंच गांव में जनता का चुना हुआ प्रतिनिधि है ।जनता की सेवा की बड़ी जिम्मेदारी सरपंचों के ऊपर है । ऐसी स्थिति में हड़ताल अथवा कलम बंद करने की बात करना जनता के साथ अन्याय है।अवैध संगठन के पदाधिकारी जनता के प्रति अपने कर्तव्य से मुंह मोड़ रहे हैं और हड़ताल पर जाने की धमकी दे रहे हैं यह पूरी तरह से गैर कानूनी है। छत्तीसगढ़ सरपंच संघ कलम बंद हड़ताल का न तो पक्षधर है न ही इसका समर्थन करता है ।

मंत्री चौबे ने सरपंच संघ के पदाधिकारियों को गांव के विकास और जनता के हित के कामों में जुटे रहने की अपील की । उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार सरपंच संघ के समस्याओं के निदान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है । वह स्वयं मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मुलाकात कर सरपंच संघ की समस्याओं उनकी मांगों के बारे में अवगत कराएंगे ।
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