Chhattisgarh Politics: माओवादियों के साथ रिश्ते किसके? सीएम भूपेश बघेल ने BJP को दिया जवाब
तेलंगाना में माओवादियों को इलाज करवाने ले गए बीजापुर के कांग्रेस नेता की धरपकड़ के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
रायपुर, 11 अक्टूबर। तेलंगाना में माओवादियों को इलाज करवाने ले गए बीजापुर के कांग्रेस नेता की धरपकड़ के बाद छत्तीसगढ़ का सियासी माहौल गरमाया हुआ है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद अरुण साव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। इस पर अब सूबे के सीएम भूपेश बघेल ने पलटवारकरते हुए कहा है कि 15 साल तक नक्सलियों से सांठगांठ बीजेपी की ही रही है।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव के आरोपों पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सीएम भूपेश बघेल ने कहा, नक्सलियों के साथ सांठगांठ तो भाजपा नेताओं के रहे हैं। पूर्ववर्ती रमन सरकार का पूरा कार्यकाल उठाकर देख देखा जा सकता है। नक्सलियों को रसीद और चंदा देते हुए और मंत्रियों के यहां आते जाते माओवादी पकड़े गए हैं। सीएम भूपेश ने हमला तेज करते हुए कहा कि आपराधिक राजनीतिक षड्यंत्र के तौर पर झीरम घाटी नक्सल हमला इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। उसमें केंद्र की भाजपा सरकार कुछ कर नहीं रही हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा, स्वर्गीय भीमा मंडावी की हत्या दंतेवाड़ा से विधायक थे। छत्तीसगढ़ पुलिस मामले की जांच कर रही थी, उसे भी NIA ने ले लिया,फिर कई साल बीत जाने के बाद भी आज तक कुछ हुआ है । भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव पत्र इस मामले में पत्र क्यों नहीं लिखते।
गौरतलब है कि सोमवार को तेलंगाना में नक्सलियों के साथ कांग्रेस नेता के पकड़े जाने की खबर सामने आने के बाद से ही बीजेपी आक्रामक है। रमन सरकार में मंत्री रहे भाजपा नेता महेश गागड़ा ने रायपुर में प्रेसवार्ता आयोजित करके कांग्रेस पर माओवादियों से सांठगांठ का आरोप लगाया था।
इसके अलावा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर भोपालपट्टनम ब्लॉक का महामंत्री केजी सत्यम तेलंगाना में 4 नक्सलियों के साथ पकड़े जाने की घटना का जिक्र करते हुए इस मामले की जांच की मांग की थी।
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